Video : AIIMS से चले तो स्टेशन पर पुलिसवालों से भिड़ गये लालू प्रसाद यादव

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Apr 2018 1:22 PM

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रांची/नयी दिल्ली : चारा घोटाला के सजायाफ्ता कैदी लालू प्रसाद यादव को इलाज के बाद एम्स से छुट्टीदेकररांची भेजा गया, तो उनके समर्थक आग-बबूला हो गये. राजद समर्थकों ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) में तोड़फोड़ कर दी. इसमें देश के इस सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में कार्यरत एक गार्ड को चोट आयी […]

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रांची/नयी दिल्ली : चारा घोटाला के सजायाफ्ता कैदी लालू प्रसाद यादव को इलाज के बाद एम्स से छुट्टीदेकररांची भेजा गया, तो उनके समर्थक आग-बबूला हो गये. राजद समर्थकों ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) में तोड़फोड़ कर दी. इसमें देश के इस सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में कार्यरत एक गार्ड को चोट आयी है. चारा घोटाला के आरोपी लालू प्रसाद को गंभीर बीमारी की वजह से राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) ने बेहतर इलाज के लिए एम्स रेफर किया था. जिन समस्याओं की वजह से लालू को एम्स भेजा गया था, उसका इलाज करने के बाद एम्स ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी.

जैसे ही लालू को खबर मिली कि अस्पताल से उन्हें छुट्टी दी जा रही है, उन्होंने एम्स प्रबंधन से अपील की कि उन्हें यहीं रहने दिया जाये, रांची न भेजा जाये. इसके लिए उन्होंने कई कारण भी गिनाये, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि वह फिट हैं और अब उन्हें रांची चले जाना चाहिए. उनकी समस्या का रांची में भी इलाज हो सकता है. एम्स प्रशासन ने कहा कि उन्हें उस वक्त एम्स रेफर किया था, जब उनकी स्थिति बेहद गंभीर थी. अब उनकी सेहत ठीक है और वह पूरी तरह फिट हैं.

एम्स प्रबंधन के इस फैसले को राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला बताते हुए लालू और राजद ने इस पर तीव्र प्रतिक्रिया दी. लालू को रांची भेजने के फैसले का ट्विटर पर तो विरोध हुआ ही, राजद समर्थकों ने एम्स में तोड़फोड़ भी कर दी. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो को चारा घोटाला में 27 साल की सजा हो चुकी है. हाइकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी है.

लालू प्रसाद ने अपनी पार्टी के लेटरपैड पर एम्स प्रबंधन को एक आवेदन देकर रांची नहीं भेजने की अपील की थी. उन्होंने एम्स में ही रहने के चार कारण गिनाये थे. लालू ने कहा था कि वह अभी पूरी तरह ठीक नहीं हैं. उन्हें दिल का रोग है, किडनी में संक्रमण (इन्फेक्शन) है, शुगर और अन्य कई बीमारियों से वह पीड़ित हैं. उन्होंने कहा था कि रांची के अस्पताल में इन रोगों का इलाज संभव नहीं है. लालू ने आगे कहा कि ट्रेन से दिल्ली से रांची जाने में 16 घंटे लगेंगे. वह इतनी लंबी यात्रा करने में सक्षम नहीं हैं. इसलिए उन्हें रिम्स शिफ्ट नहीं किया जाये. लेकिन एम्स ने उनकी तमाम दलीलों को खारिज कर दिया.

लालू प्रसाद के बेटे और उनकी पार्टी एम्स प्रबंधन के इस फैसले से बेहद नाराज है. लालू के बेटे तेजस्वी यादव ने आनन-फानन में लालू को एम्स से रांची भेजने के फैसले पर आश्चर्य जताया. कहा कि सिर्फ एम्स प्रशासन ही लालू को रांची शिफ्ट करने के फैसले के बारे में बता सकता है. वहीं, राजद ने एक ट्वीट के जरिये सत्ताधारी दल पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगा दिया. राजद के ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ‘गरीबों के नेता लालू प्रसाद की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे. राजनीति में इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए.’

लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में 27 साल की सजा हो चुकी है. होटवार केंद्रीय कारागार में सजा भुगतनेके दौरानअचानकउनकी तबीयत बिगड़ गयी थी, जिसके बाद उन्हें रिम्स मेंभर्तीकराया गया था. कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे लालू प्रसाद को रिम्स के डॉक्टरों ने एम्स रेफर कर दिया था. इसके बाद पूर्व रेल मंत्री को राजधानी एक्सप्रेस से 28 मार्च को दिल्ली ले जाया गया था.

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रांची में डॉक्टरों ने कहा था कि लालू की किडनी में गंभीर समस्या है. उनकी सेहत में सुधार नहीं होने की वजह से रिम्स के डॉक्टर भी चिंतित थे. लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तो यहां तक कह दिया था कि यदि लालू प्रसाद को कुछ हो गया, तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा. उन्होंने केंद्र और राज्य की सरकार पर लालू की हत्या की साजिश रचने तक का आरोप लगा दिया था.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि लालू के रांची लौटने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एम्स में जाकर उनसे मुलाकात की. दोनों नेताओं की आधे घंटे की इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का दौर शुरू हो गया है. इस मुलाकात को कर्नाटक और 2019 के आम चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है.

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ज्ञात हो कि राहुल से पहले केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा, भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा, सुब्रमण्यम स्वामी और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे सहित कई नेताओं ने लालू से मुलाकात की थी.

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