रांची : शहीद सुनील महतो की मां खांदो देवी के साथ पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिल कर शहीद निर्मल महतो एवं शहीद सुनील महतो के हत्याकांड की जांच एनआइए से कराने की बात रखी. राज्यपाल ने इनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित मामले से सरकार को अवगत कराने की बातें कही.
राज्यपाल से सकारात्मक वार्ता के बाद अामरण अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया गया. शहीद सुनील महतो की मां खांदो देवी, आजसू पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष उमाकांत रजक, केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव व शहीद सुनील महतो के छोटे भाई सुसेन महतो के साथ पार्टी के केंद्रीय सचिव अनिल महतो को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया. प्रतिनिधिमंडल में खांदो देवी के साथ परिजन झिंगी हेंब्रम, कंचन देवी, सचिन महतो, बादल महतो शामिल थे.
संवैधानिक रूप से शहीद का दर्जा देने का आग्रह
खांदो देवी ने राज्यपाल को पश्चिम बंगाल में सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके कुख्यात नक्सली रंजीत पाल उर्फ राहुल के कथित आत्मसमर्पण पर ध्यान आकृष्ट कराया. बताया कि रंजीत पाल पर मेरे पुत्र सांसद सुनील महतो की हत्या समेत सिर्फ पूर्वी सिंहभूम में 17 से ज्यादा नक्सली कांड का आरोप है, लेकिन इस हत्याकांड के असली सूत्रधारों तक पहुंचने के लिए सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. प्रतिनिधिमंडल ने शहीद निर्मल महतो की हत्या की जांच एनआइए से कराने व शहीद सुनील महतो एवं शहीद निर्मल महतो को संवैधानिक रूप से शहीद का दर्जा देने का आग्रह किया. अनशन स्थल पर बनमाली मंडल, छवि महतो, अनिल महतो, ललित ओझा, हरीश कुमार, गौतम सिंह, नीतीश सिंह, नित्यानंद महतो, लोबिन महतो, संतोष महतो, प्रभा देवी, मेरी तिर्की, जगदीश महतो, सुशील कुमार महतो, योगेंद्र महतो, कृष्णकांत महतो समेत कई लोग उपस्थित थे.

