ePaper

स्वच्छता के संकल्प ने बदली सूरत

2 Oct, 2017 7:40 am
विज्ञापन
स्वच्छता के संकल्प ने बदली सूरत

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छ भारत का सपना देखा था. इस सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता की जयंती (02 अक्तूबर 2014 को) पर स्वच्छ भारत अभियान का शुभारंभ किया था. कोशिश थी कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वच्छता का संदेश पहुंचे और पूरा देश खुले में शौच से […]

विज्ञापन
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छ भारत का सपना देखा था. इस सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता की जयंती (02 अक्तूबर 2014 को) पर स्वच्छ भारत अभियान का शुभारंभ किया था. कोशिश थी कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वच्छता का संदेश पहुंचे और पूरा देश खुले में शौच से मुक्त हो. साथ ही हर व्यक्ति स्वच्छता को अपनी निजी जिम्मेदारी माने. राष्ट्रपिता का यह सपना और प्रधानमंत्री का प्रयास झारखंड में साकार होता नजर आने लगा है. इसके लिए झारखंड सरकार, विभिन्न जिलों के प्रशासन, स्थानीय निकायों और पंचायतों ने अथक प्रयास किये हैं. यह काफी सुखद अनुभूति है कि राज्य के सुदूर गांवों में भी लोग स्वच्छता का महत्व समझने लगे हैं. अब गांवों में लोग खुले में शौच नहीं करते और न ही गांवों की गलियाें में गंदगी देखने को मिलती है. हालांकि, थोड़ी-बहुत गुंजाइश तो हर जगह होती है, फिर भी प्रयास जारी है.
दुमका: स्वच्छता के लिए जहां एक ओर पूरे देश में अभियान चलाना पड़ रहा है. विशेष ऊर्जा लगानी पड़ रही है. लोगों को प्रेरित करना पड़ रहा है. संकल्प दिलाना पड़ रहा है. शौचालय बनवाने के लिए लोगों को जागरूक करना पड़ रहा है. वहीं, दुमका सदर प्रखंड का कुमड़ाबाद ऐसा गांव है, जहां स्वच्छता लोगों के संस्कार का हिस्सा बन गया है.
यहां के लोग घर के कचरे को निकाल कर बाहर नहीं फेंकते, बल्कि उसका उचित तरीके से निस्तारण करते हैं. न तो कहीं भी कचरे का अंबार नजर आता है और न ही कागज व पॉलीथिन के टुकड़े या पान मसाले के पाउच ही गांव की गलियों व सड़कों पर दिखते हैं. हर घर के लोग सुबह पौ फटने से पूर्व गलियारे को न सिर्फ साफ करते हैं, बल्कि मवेशियों के मल-मूत्र को भी सड़क से साफ कर देते हैं. पर्व-त्योहार में तो यहां की सड़क को लोग धो तक डालते हैं.
नदी किनारे बसा है गांव, लेकिन खुले में शौच से परहेज : नदी किनारे गांव बसा है, लेकिन यहां के लोग दशकों से खुले में शौच से परहेज करते रहे हैं. इसकी वजह यह है कि यहां अधिकांश लोग शिक्षित हैं. स्वच्छता के महत्व को समझते हैं. एक-एक शख्स को इसका एहसास है कि गांव स्वच्छ रहेगा, तभी समाज और एक-एक व्यक्ति स्वस्थ रहेगा.

आसपास के गांवों में भी ऐसा ही नजारा : कुमड़ाबाद ही नहीं आसपास के गांव व बस्तियों में भी कमोबेश ऐसा ही नजारा दिखने को मिल जायेगा. बेलाबहाल, नावाडीह, केशियाबहाल व विजयपुर जैसे गांव भी अन्य गांवों की तुलना में काफी साफ और स्वच्छ है. तभी तो बीमारियां इन गांवों से दूर रहती हैं.
कृषि, पशुपालन व मत्स्यपालन हैं आजीविका के साधन : कुमड़ाबाद गांव के रहनेवाले लोगों के आजीविका के साधन कृषि, पशुपालन एवं मत्स्यपालन है. मत्स्यपालन के मामले में तो यह गांव उदाहरण है, जहां हर साल पचास टन से अधिक मछलियां मत्स्यपालक बेचते हैं. वहीं, आसपास के गांवों में सब्जी उत्पादन इतना होता है कि पूरे शहर को यहां से ताजी सब्जियां उपलब्ध करायी जाती हैं.
क्या कहते हैं गांव के लोग
आज जगह-जगह अभियान चलाना पड़ता है. स्वच्छता के महत्व को समझाना पड़ता है, पर हमारे गांव के लोग जागरूक हैं. गांव को साफ-सुथरा बनाये रखने में सभी सहयोग करते हैं.
तरुण दास
अन्य गांवों की तुलना में हमें अपने गांव की साफ-सफाई पर गर्व होता है. गांव में गंदगी कहीं भी नहीं है. कहीं नाले की कमी भी है, तो पानी का जमाव लोग नहीं होने देते.
रंजीत गोरायं
स्वच्छता अभियान तो वहां चलाने पड़ रहे हैं, जहां लोग उसके महत्व को नहीं समझते. खुद के घर-मुहल्ले को साफ नहीं रख पाते. आप देखिये, हमारे गांव में कहीं भी वैसी गंदगी नजर नहीं आयेगी.
पंकज दत्ता
गांव में स्वच्छता के लिए सभी सजग है. कहीं कोई कचरा फेंकता व गंदगी फैलाता नजर नहीं आयेगा. सभी शौचालय का उपयोग करते हैं. हमलोग गांव को स्वच्छ रखना व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझते हैं.
प्रदीप दत्ता
दिन भर गांव का गलियारा साफ नजर आयेगा. मवेशियों द्वारा भी अगर गंदगी फैलायी जाती है, तो अल सुबह हर शख्स अपने-अपने घर के सामने की सड़क को साफ कर लेता है.
मनोज दास
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें
Page not found - Prabhat Khabar