उप स्वास्थ्य केंद्र को बंद करने के निर्णय ने चौंकाया

Updated at : 21 Apr 2024 9:48 PM (IST)
विज्ञापन
उप स्वास्थ्य केंद्र को बंद करने के निर्णय ने चौंकाया

बड़ी आबादी और संस्थागत प्रसव के नाम से मशहूर करमा उप स्वास्थ्य केंद्र पर अब संकट मंडराने लगा है.

विज्ञापन

फोटो फाइल संख्या 21 कुजू एफ: करमा उप स्वास्थ्य केंद्र. कुजू. बड़ी आबादी और संस्थागत प्रसव के नाम से मशहूर करमा उप स्वास्थ्य केंद्र पर अब संकट मंडराने लगा है. क्योंकि चिकित्सा विभाग रामगढ़ ने केंद्र की जर्जर हालत को देखते हुए इसका संचालन हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर रतवे में संचालित करने की बात कही है. लेकिन केंद्र के बंद करने का यह मामला यहीं रुकने वाला नहीं है. बल्कि इसका संचालन यहीं हो इसके लिए जनप्रतिनिधि, ग्रामीण मुखर होकर आवाज उठाने में जुट गये हैं. साथ ही विभाग के निर्गत आदेश को निरस्त करने के लिए लोग गोलबंद होकर शनिवार को रामगढ़ उपायुक्त को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देते हुए लिए गए निर्णय पर रोक लगाने की मांग की गयी है. अगर कहा जाये, तो फैसले पर किसी तरह का विचार नहीं हुआ तो लोग आंदोलन पर भी उतारू हो सकते हैं.

लंबे समय से हो रहा है केंद्र का संचालन

लोग बताते हैं कि यहां पर निजी भवन में 60 वर्ष पूर्व से केंद्र का संचालन होना शुरू हुआ था. जिसमें करमा उत्तरी, करमा दक्षिणी, रतवे और छोटकी डूंडी पंचायत को देखते हुए किया गया था. बाद में 1988 – 89 में एक सरकारी भवन का निर्माण किया गया, जहां केंद्र आज भी संचालित हो रहा है. बीच में केंद्र के नवीनीकरण और विस्तारीकारण को लेकर अधिकारी चर्चा करते रहे. उनका निरीक्षण भी हुआ. लेकिन विभाग के द्वारा बंद किए जाने के निर्णय ने आज गांव के लोगों को पूरी तरह से संशय में डाल दिया है.

प्रसव के मामले में हमेशा आगे रहा है केंद्र

केंद्र में गर्भवती महिलाओं के प्रसव ओस्तन को देखा जाये, तो यहां के बहाल कर्मी हमेशा अपनी मेहनत के बल पर सफलता पूर्वक महिलाओं का प्रसव कराते आए हैं. केंद्र में रोजाना एक ना एक गर्भवती महिलाओं का प्रसव होता रहा है. अगर कहा जाये, तो जिले में बढ़ती संस्थागत प्रसव का दर अच्छा रहा है तो उसमें इस केंद्र की भूमिका भी अहम रही है.

22 हजार की है आबादी

फिलहाल देखा जाये, तो करमा उत्तरी और करमा दक्षिणी पंचायत की कुल आबादी करीब 22 हजार बतायी गयी है, जो सीधे तौर पर उक्त केंद्र से लाभान्वित है. 2012-13 में रतवे केंद्र का निर्माण हुआ. हाल के वर्षों में प्रारंभ किया गया. नहीं तो इसकी कुल आबादी 28 से 30 हजार की थी. ऐसे में केंद्र को बंद कर दिये जाने का फैसला लोगों को पूरी तरह से चौंका दिया है. अगर किसी कारणवश इस केंद्र को बंद कर दिया गया तो यहां के लोगों को रतवे जाने के लिए करीब 6 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी.

इन्हें किया गया पत्र प्रेषित

जिप सदस्य तापेश्वर महतो, उप प्रमुख पिंटू कुमार, मुखिया सरोज कुमारी, पूर्व मुखिया शक्ति कुमार महतो समेत अन्य लोगों केंद्र को बचाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री बना गुप्ता, जयंत सिन्हा, विधायक सह भाजपा सांसद प्रत्याशी मनीष जायसवाल, विधायक सह कांग्रेस सांसद प्रत्याशी जयप्रकाश भाई पटेल, जिप अध्यक्ष सुधा चौधरी, अपर मुख्य सचिव रांची और और संबंधित विभागों को पत्र प्रेषित किया गया है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola