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झारखंड में है प्रसिद्ध सिद्धपीठ, बेहद रहस्यमय और अनोखी है यहां मां की प्रतिमा

Updated at : 11 May 2025 3:43 PM (IST)
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Rajrappa Temple

Rajrappa Temple

Rajrappa Temple: झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित 6000 साल पुराना मंदिर अपनी अनोखी और रहस्यमय प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है. इसे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सिद्धपीठ भी कहा जाता है, जो तंत्र साधना के लिए भी जाना जाता है. यहां मां छिन्नमस्तिका के दर्शन करने मात्र से भक्तों की मन्नत पूरी हो जाती है.

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Rajrappa Temple: झारखंड में स्थित कई प्राचीन मंदिर अपने धार्मिक महत्व और समृद्ध इतिहास के लिए मशहूर हैं. इन्हीं प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थलों में से एक है, रामगढ़ जिले में स्थित मां छिन्नमस्तिका का मंदिर. इस मंदिर को रजरप्पा मंदिर के नाम से जाना जाता है, जहां हर रोज हजारों भक्त माता के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं. यह मंदिर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठों में से एक है. इस मंदिर में स्थापित माता की मूर्ति काफी रहस्यमय और अनोखी है. मां छिन्नमस्तिका मंदिर में मां की सिर कटी प्रतिमा विराजित है, जिससे रक्त की धारायें बाहर निकल रही है. यह मंदिर तंत्र साधना के लिए भी काफी प्रसिद्ध है. इतिहास और धर्म में रुचि रखने वालों को एक बार मां छिन्नमस्तिका मंदिर जरुर आना चाहिये.

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भक्तों की मन्नत पूरी करती है मां

रामगढ़ में स्थित करीब 6000 साल पुराना मां छिन्नमस्तिका का मंदिर काफी रहस्यमय है. इस मंदिर में स्थापित देवी की प्रतिमा काफी अनोखी है. इस प्रतिमा में मां का सिर कटा हुआ है और उनके गले से रक्त की तीन धाराएं निकल रही हैं. देवी का कटा सिर उनके ही हाथ में मौजूद है. माता के इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. इसके अलावा यह मंदिर तंत्र साधना के लिए भी काफी प्रसिद्ध है. इसे लेकर मान्यता है कि इस मंदिर में आकर माता के दर्शन करने मात्र से लोगों की मन्नत पूरी हो जाती है.

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तंत्र साधना के लिये भी प्रसिद्ध है मंदिर

मां छिन्नमस्तिका का पौराणकि मंदिर राजधानी रांची से महज 70-80 किलोमीटर दूर दामोदर और भैरवी नदी के तट पर स्थित है. यह एक देवी सिद्धपीठ है, जो तंत्र साधना के लिए भी प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि रजरप्पा मंदिर में कार्तिक अमावस्या के दिन विशेष रूप से तंत्र साधना की जाती है. साथ ही कामाख्या मंदिर के बाद इसे तंत्र साधना का दूसरा महत्वपूर्ण स्थान भी माना जाता है. इसके अलावा यहां अन्य दिनों में भी साधक गुप्त रूप से तांत्रिक पूजा करते हैं.

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Rupali Das

लेखक के बारे में

By Rupali Das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.

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