20 वर्षों से बंद सौंदा डी खदान चालू करने की प्रक्रिया शुरू

20 वर्षों से बंद सौंदा डी खदान चालू करने की प्रक्रिया शुरू
1400 सीसीएल आवास के साथ हटेंगे स्कूल, धार्मिक स्थल व बाजार खदान में है 148 मिलियन टन कोयला भंडार. भुरकुंडा. वर्ष 2003 से बंद सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र की सौंदा डी कोलियरी खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. वीटीपीपीएल आइएचइपीपीएल एआरसी कंसोरसियम कंपनी आउटसोर्सिंग कंपनी को खदान चलाने का ठेका मिला है. कंपनी ने तीन स्थानों पर काम शुरू कर दिया है. कोयला व ओबी की गहराई पता करने के लिए यह कार्य हो रहा है. कंपनी 25 वर्ष की अवधि में 147.96 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करेगी. सालाना उत्पादन करीब छह लाख टन होगा. यहां कोयले का ग्रेड जी-6 है. खदान के लिए सौंदा डी व जयनगर क्षेत्र की 332 हेक्टेयर जमीन ली जायेगी. इसके कारण करीब 1400 सीसीएल आवास व अन्य निजी घरों को हटाना होगा. हाई स्कूल, मिडिल स्कूल, प्राइमरी स्कूल व निजी विद्यालयों के साथ-साथ धार्मिक स्थल व बाजार को भी हटाया जायेगा. भुरकुंडा-पतरातू मार्ग को भी सौंदा डी के पास डायवर्ट किया जायेगा. आवासों व बाजार को खाली कराने के लिए पूर्व में भी सीसीएल द्वारा नोटिस दिया जा चुका है. सौंदा डी कोलियरी खुलने से बरका-सयाल क्षेत्र की लाइफ काफी बढ़ जायेगी. अगले वर्ष से खनन कार्य शुरू हो जायेगा : पीओ कैलाश कुमार ने बताया कि जिस कंपनी को ठेका मिला है, वह कंपनी कोयला सीम की गहराई व चौड़ाई का पता लगा रही है. पूरी उम्मीद है कि अगले वर्ष से खनन कार्य शुरू हो जायेगा. सड़क डायवर्ट करने के लिए भी सर्वे किया जा रहा है.
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