गिद्दी. आदिवासी समाज के गांव प्रमुख की डाड़ी व मांडू प्रखंड स्तरीय बैठक बुधवार को सुइयाडीह गांव में हुई. बैठक में आदिवासी भाषा, संस्कृति, ओलचिकी लिपि के संरक्षण व संवर्धन तथा पेसा नियमावली को प्रभावी ढंग से लागू कराने पर चर्चा की गयी. बैठक में कहा गया कि हजारीबाग और रामगढ़ जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है. इसके बाद भी इन दोनों जिला को पेसा नियमावली से बाहर रखा गया है. यह आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है. इस पर नाराजगी व्यक्त की गयी. बैठक में झारखंड में जाति जनगणना कराने तथा जनगणना के आधार पर पेसा अधिनियम को आदिवासी बहुल क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग की गयी. बैठक में कहा गया कि हम अपनी मांगों को लेकर आने वाले दिनों में आंदोलन करेंगे. बैठक में सोहराय किस्कू, आरडी मांझी, रसका हेंब्रम, मनाराम हेंब्रम, मनेंद्र हेंब्रम, सुनील कुमार किस्कू, राम सिंह मार्डी, सुखराम हेंब्रम, धानु टुडू, ठुडका टुडू, दशइ वास्के, हीरालाल वास्के, जितेंद्र हेंब्रम, जाजू टुडू, चंद्रदेव सोरेन, जितराम मांझी, तालो हेम्ब्रम, बाबुल हेम्ब्रम, संझुल किस्कू, शंकर बेसरा, महावीर वास्के, मंगरा मांझी, वीरबल मांझी उपस्थित थे.
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