पौराणिक काल के शिल्पकार हैं भगवान विश्वकर्मा

Published by : VIKASH NATH Updated At : 15 Sep 2025 10:11 PM

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भगवान विश्वकर्मा को पौराणिक काल का महान शिल्पकार माना जाता है. जैसे आज के युग में इंजीनियर आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करते हैं

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राजकुमार सिंह. 15बीएचयू0005-भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा. 17 सितंबर को होती है देशभर में पूजा. मशीनों को दिया जाता है विश्राम. भुरकुंडा. भगवान विश्वकर्मा को पौराणिक काल का महान शिल्पकार माना जाता है. जैसे आज के युग में इंजीनियर आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करते हैं, वैसे ही प्राचीन काल में यह कार्य भगवान विश्वकर्मा करते थे. उन्होंने स्वर्गलोक, द्वारका, पुष्पक विमान और इंद्रप्रस्थ जैसे दिव्य निर्माण किये. भारत में हर वर्ष 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की पूजा बड़े श्रद्धा और उत्साह से की जाती है. इस दिन मशीनों और औजारों की पूजा की जाती है, उन्हें विश्राम दिया जाता है और एक दिन पहले उनकी सफाई की जाती है. फैक्ट्रियों, वर्कशॉप्स, ऑटोमोबाइल शोरूम से लेकर आम घरों तक इस पूजा की परंपरा फैल चुकी है. लोग बाइक, कार, कंप्यूटर जैसी मशीनों की भी पूजा करते हैं. कई स्थानों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा की जाती है, प्रसाद वितरण होता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. पूजा के अगले दिन प्रतिमा का विसर्जन बड़े धूमधाम से किया जाता है. गाजे-बाजे, नृत्य और नगर भ्रमण के साथ प्रतिमा को नदी या तालाब में विसर्जित किया जाता है. यह पर्व श्रम, तकनीक और श्रद्धा का सुंदर संगम है.

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