संत मेरी चर्च, सीएनआइ चर्च और एजी चर्च में मनाया गया गुड फ्राइडे

Updated at : 03 Apr 2026 10:23 PM (IST)
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संत मेरी चर्च, सीएनआइ चर्च और एजी चर्च में मनाया गया गुड फ्राइडे

संत मेरी चर्च, सीएनआइ चर्च और एजी चर्च में मनाया गया गुड फ्राइडे

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प्रभु के बताये मार्ग पर चलने और उनके संदेशों को जीवन में अपनाने का आह्वान श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ क्रॉस की उपासना करते हुए आशीष ग्रहण किया. प्रतिनिधि, रामगढ़ संत मेरी चर्च, सीएनआइ चर्च और एजी चर्च रामगढ़ में गुड फ्राइडे (पुण्य शुक्रवार) की धर्म विधि भक्ति व श्रद्धा के साथ संपन्न हुई. इस अवसर पर प्रभु यीशु मसीह के दुखदायी क्रूस मरण का स्मरण किया गया. संत मेरी चर्च में कार्यक्रम की शुरुआत क्रूस रास्ता (वे ऑफ द क्रॉस) की प्रार्थना से की गयी. इसके बाद वचन पूजा (शब्द समारोह) आयोजित किया गया. इसमें नयी वाचा की पुस्तक से पाठ किया गया. इस दौरान श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के दुखभोग का वर्णन किया. संत योहन के अध्याय 18 व 19 का पाठ किया गया. फादर जार्ज चिटाडी ने बताया कि गुड फ्राइडे का अर्थ है कि प्रभु यीशु ने अपने दुखभोग और क्रूस पर बलिदान के माध्यम से समस्त मानव जाति के कल्याण और मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि हमें प्रभु यीशु के असीम प्रेम को पहचानते हुए उनसे सच्चा प्रेम करना चाहिए. एक-दूसरे को क्षमा करना चाहिए. इसके बाद संत पिता, पुरोहितों और बीमारों के लिए विशेष प्रार्थना की गयी. इसके बाद क्रॉस का अनावरण किया गया. श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ क्रॉस की उपासना करते हुए प्रणाम कर आशीष ग्रहण किया. धर्म विधि के अंत में श्रद्धालुओं के बीच परम प्रसाद का वितरण किया गया. समारोह को सफल बनाने में रामगढ़ पल्ली के सभी मसीही का योगदान रहा. कार्यक्रम में प्रचारक किशोर हेंब्रम, प्रेम लकड़ा, प्रदीप पन्ना, सिमोन एक्का, हनोक एक्का, विजय, सुनील कुमार, अजय, अरविंद, मनोज पॉल, आशा कच्छप, रीता मिंज, सरोज, कांति, रोशनी, सोनी ने सक्रिय भूमिका निभायी. एजी चर्च में प्रेम और क्षमा के मार्ग पर चलने का आह्वान : एजी चर्च में गुड फ्राइडे के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. इस दौरान वरिष्ठ पास्टर जकरिया महतो ने कहा कि क्रॉस त्याग, प्रेम और क्षमा का प्रतीक है. इसे अपनाकर ही सच्चे जीवन का मार्ग प्राप्त किया जा सकता है. मुख्य प्रचारक अर्पण महतो ने प्रभु यीशु मसीह के दुखभोग और उनके बलिदान पर संदेश दिया. उन्होंने कहा कि यीशु का क्रूस पर बलिदान मानव जाति के उद्धार के लिए था. इसे हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए. अंत में पास्टर जकरिया महतो ने प्रेम, क्षमा और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया. इस अवसर पर अलका महतो, शिल्पा महतो, धनकुमार धान, चानू सुमया, अमित राम, रोजी केरकेट्टा, सोनी, पायल, रीता चटर्जी, सरिता बाखला उपस्थित थे. श्रद्धा और भक्ति के साथ मना पर्व : इस अवसर पर रेवेन सुधीर लकड़ा की अगुवाई में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित हुई. सभा में उन्होंने प्रभु यीशु मसीह के जीवन और उनके क्रूस पर बलिदान का महत्व बताया. उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने मानव जाति के उद्धार के लिए स्वयं को क्रूस पर बलिदान किया. उन्होंने बताया कि मनुष्य के पापों की क्षमा के लिए प्रभु यीशु ने अपना लहू बहाया और इसी उद्देश्य से उनका अवतरण हुआ. उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने मानवता के प्रति असीम प्रेम के कारण अपने जीवन की आहुति दी. उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति अपने पापों के लिए प्रभु यीशु के नाम से क्षमा मांगता है, उसे क्षमा प्राप्त होती है. उन्होंने मसीही से प्रभु के बताये मार्ग पर चलने और उनके संदेशों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया. इस अवसर पर चांद कुमार लकड़ा, जेम्स बोदरा, अमूल्य, संतोष मरांडी, अर्नेस्ट जॉनवुड, रोजवेल मुर्मू उपस्थित थे.

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SAROJ TIWARY

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