गोला में 48 हाथियों का आतंक, खेत में काम कर रही महिला को कुचला

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रामगढ़ में जंगली हाथियों के दो झुंड में बंटने से खतरा बढ़ा. एक महिला की मौत के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है.

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रामगढ़. रामगढ़ जिला के गोला प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों की गतिविधि लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. वन विभाग के अनुसार रविवार की रात खोखा क्षेत्र में मौजूद करीब 44 हाथियों का झुंड दो भागों में बंट गया. इनमें करीब 12-13 हाथियों का झुंड रामगढ़- बोकारो एनएच को पार कर सोमवार सुबह बड़कीपोना क्षेत्र में प्रवेश कर गया. जहां खेत में काम कर रही एक महिला को कुचलकर कर जान से मार दिया.

गोला में हाथियों का बढ़ा आतंक

हाथियों की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने बड़कीपोना रेलवे स्टेशन सहित आसपास के ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. वन विभाग रामगढ़ की ओर से जारी सूचना के अनुसार वर्तमान में 32 हाथी भुचुंगडीह क्षेत्र में, 13 हाथी बड़कीपोना क्षेत्र में तथा तीन हाथी कोरांबे क्षेत्र में मौजूद हैं. इस तरह क्षेत्र में कुल 48 हाथियों की मौजूदगी बतायी गयी है. हाथियों के अलग-अलग झुंडों में विचरण करने से ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा और बढ़ गया है.

गोला में हाथियों का खौफ कायम

बताया गया कि रविवार की रात हाथियों की गतिविधियों के दौरान रामगढ़-बोकारो एनएच पार कर हाथियों का एक दल बड़कीपोना की ओर पहुंच गया. इसके बाद वन विभाग ने स्टेशन और आसपास के नागरिकों को रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. ग्रामीणों से हाथियों के नजदीक नहीं जाने, उन्हें उकसाने से बचने और जंगल अथवा खेतों की ओर अकेले नहीं जाने की अपील की गयी है. बताते चलें कि महज पांच दिन पूर्व 13 अगस्त को गोला थाना क्षेत्र के कोरांबे गांव अंतर्गत गुंदलीखरैय में हाथी के हमले में सिल्ली थाना क्षेत्र के सेहदा निवासी बालो देवी की मौत हो गयी थी.

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फोटो-वीडियो के लिए हाथियों के पास न जाएं

वह खेत में धान का बिचड़ा उखाड़ने गयी थीं, तभी हाथी ने हमला कर दिया था. घटना के बाद क्षेत्र में हाथियों के बढ़ते आतंक को लेकर ग्रामीणों में भय व्याप्त है. वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथियों की सूचना मिलने पर सुरक्षित स्थान पर रहें और किसी भी स्थिति में हाथियों के करीब जाकर फोटो या वीडियो बनाने का प्रयास न करें.

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डॉ. सलाउद्दीन

लेखक के बारे में

By डॉ. सलाउद्दीन

डॉ. सलाउद्दीन पिछले 30 वर्षों से प्रभात खबर के साथ निष्पक्ष, जनसरोकार और जमीनी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं। उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त की तथा विनोबा भावे विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि हासिल की। उनकी उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए झारखंड सरकार की पत्रकारिता फैलोशिप से सम्मानित किया गया।

प्रभात खबर के 40 वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित स्मारिका में जनसरोकार आधारित पत्रकारिता करने वाले चुनिंदा पत्रकारों में उन्हें विशेष स्थान मिला। झारखंड राज्य गठन के बाद प्रथम मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह की विशेष कवरेज, हजारीबाग में महिलाओं के शराबबंदी आंदोलन, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा की रिपोर्टिंग तथा झारखंड स्थापना दिवस विशेषांक में लगातार दो वर्षों तक सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर शोधपरक रिपोर्टिंग उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं।

राजनीति और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है। अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने अनेक केंद्रीय नेताओं, सामाजिक आंदोलनकारियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और फिल्मी हस्तियों के साक्षात्कार लिए हैं तथा महत्वपूर्ण समाचारों का व्यापक संकलन किया है। प्रभात खबर में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने बड़ी संख्या में युवा पत्रकारों का मार्गदर्शन किया। उनके मार्गदर्शन में तैयार कई पत्रकार आज देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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