पूर्वी सिंहभूम के रेलवे साइडिंग से उड़ रही धूल पर NGT का एक्शन, गठित की जांच कमेटी

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राष्ट्रीय हरित अधिकरण का दफ्तर की फाइल फोटो

पूर्वी सिंहभूम के हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन की साइडिंग में भारी प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने गंभीर रुख अपनाया है. NGT ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रदूषण की जांच के लिए एक संयुक्त समिति गठित की है.

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पूर्वी सिंहभूम: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड स्थित हल्दीपोखर (हालुदपुकुर) रेलवे स्टेशन की साइडिंग में कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिजों की लोडिंग-अनलोडिंग में फेल रहे भारी प्रदूषण पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है. एनजीटी की प्रधान पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है. मामले की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच के लिए एनजीटी ने झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) और जिला दंडाधिकारी, जमशेदपुर के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति (Joint Committee) गठित करने का आदेश दिया है.

शिकायतकर्ता की गैर-मौजूदगी के बावजूद NGT ने लिया एक्शन

एनजीटी की प्रधान पीठ (नई दिल्ली) में न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की. स्थानीय शिकायतकर्ता देवी कुमारी भूमिज ने 28 अप्रैल 2026 को पत्र भेजकर रेलवे साइडिंग से होने वाले भारी प्रदूषण की शिकायत की थी. सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के उपस्थित न रहने के बावजूद पीठ ने मामले के जनहित से जुड़े होने के कारण इसे खारिज नहीं किया और जांच का आदेश दिया. साथ ही संयुक्त समिति को स्थल निरीक्षण कर एक माह के भीतर रिपोर्ट सौंपने और सुधारात्मक उपाय सुझाने का निर्देश दिया गया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को एनजीटी, कोलकाता पीठ में होगी.

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5 वर्षों से 24 घंटे ढुलाई

देवी कुमारी भूमिज द्वारा एनजीटी को भेजे गए पत्र में कई गंभीर समस्याएं उठाई गई हैं. इसके अनुसार साइडिंग के आसपास 3 हिंदी और 2 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल स्थित हैं, जहां पढ़ाई करने वाले बच्चे धूलकण के सीधे शिकार हो रहे हैं. इस प्रदूषण के लिए उचित कदम उठाने की मांग की गई है. पत्र में पर्यावरण को हो रहे नुकसान को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं. उस चिठ्ठी में कहा गया है कि पिछले 5 वर्षों से जारी 24 घंटे लोडिंग-अनलोडिंग के कारण पेड़-पौधों, प्राकृतिक तालाबों और जल स्रोतों का पानी पूरी तरह प्रदूषित हो रहा है. इसके अलावा ट्रैफिक जाम और जानलेवा हादसे पर भी ध्यान आकृष्ट कराया गया है. इसमें कहा गया है कि हल्दीपोखर स्टेशन से हाता चौक के बीच स्थित धर्मकांटा (वेब्रिज) पर खनिज लदे भारी वाहन सड़क के दोनों ओर खड़े रहते हैं, जिससे रास्ता संकरा हो जाता है. शिकायत में 20 नवंबर 2025 को हुई एक सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मौत का खास तौर से उल्लेख किया गया है.

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Sunil Choudhary

लेखक के बारे में

By Sunil Choudhary

25 वर्षों से पत्रकारिता कर रहा हूँ.हार्ड न्यूज़ से राजनीतिक खबर करता रहा हूँ.वर्तमान में मुख्यमंत्री, पावर,इंडस्ट्रीज, माइंस संबंधित मामलों पर रिपोर्ट करता हूँ. बीबीसी,पैनोस और झारखंड सरकार से फेलोशिप ले चुका हूँ।कई बार अवार्ड ले चुका हूँ.

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