लीड) भुरकुंडा में डिरेल हो सकती है रेल

Published at :09 Dec 2015 8:06 PM (IST)
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लीड) भुरकुंडा में डिरेल हो सकती है रेल

लीड) भुरकुंडा में डिरेल हो सकती है रेल 9बीएचयू-1-ट्रैक की चार माह पहले की तसवीर, 2-वर्तमान हाल.धनबाद रेल मंडल में सबसे ज्यादा राजस्व देता है सीआइसी सेक्शन, बावजूद सही ढंग से नहीं होती साइडिंग की देखभाल. नवंबर में हुआ था बरकाकाना में हादसा.भुरकुंडा. धनबाद रेल मंडल अंतर्गत सीआइसी सेक्शन इस रेल मंडल को रैक ढुलाई […]

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लीड) भुरकुंडा में डिरेल हो सकती है रेल 9बीएचयू-1-ट्रैक की चार माह पहले की तसवीर, 2-वर्तमान हाल.धनबाद रेल मंडल में सबसे ज्यादा राजस्व देता है सीआइसी सेक्शन, बावजूद सही ढंग से नहीं होती साइडिंग की देखभाल. नवंबर में हुआ था बरकाकाना में हादसा.भुरकुंडा. धनबाद रेल मंडल अंतर्गत सीआइसी सेक्शन इस रेल मंडल को रैक ढुलाई के मामले में सबसे ज्यादा राजस्व देता है. रैक लोडिंग के मामले में सीआइसी सेक्शन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष की प्रथम छमाही में विगत वित्तीय वर्ष के मुकाबले लगभग 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है. सितंबर माह में नया रिकॉर्ड बनाते हुए 824 रैक लोडिंग की गयी. साइडिंग में बिछी रेलपटरियों की सही देखभाल नहीं होती. इसके मेंटनेंस व बदलाव के प्रति उदासीनता के कारण साइडिंग पर मालगाड़ियों की पटरी से उतरने व कर्मियों के घायल होने की घटनाएं लगातार घट रही हैं. जबकि सुरक्षा बिंदुओं को ताक पर रख कर माल अनलोड करने का काम बदस्तूर चलते रहता है. इसी सेक्शन के भुरकुंडा रेलवे स्टेशन पर भी विगत कुछ महीनों से साइडिंग का काम लिया जा रहा है. स्टेशन के चार नंबर रेलवे ट्रैक का उपयोग मालगाड़ी को अनलोड करने के लिए किया जाता है. लेकिन यह ट्रैक अब काफी खतरनाक बन गया है. पटरी का एक हिस्सा लगभग एक किमी दूर तक हवा में झूल रहा है. स्लीपर के नीचे तक की मिट्टी हट गयी है. ऐसे में इस पटरी पर कभी भी रेलगाड़ी डिरेल हो सकती है. यहां आयरन ओर की अनलोडिंग का काम करनेवाले ठेकेदार सिर्फ अपने काम से मतलब रखते हैं. आयरन ओर को जल्द से जल्द जेसीबी मशीन से उठाते हुए ट्रकों के माध्यम से विभिन्न फैक्टरियों तक भेजने की होड़ मची रहती है. रेल पटरियों को होनेवाले नुकसान से इन्हें कोई सरोकार नहीं है. रेल प्रबंधन का रवैया भी कुछ ऐसा ही प्रतीत होता है. बताया गया कि सीआइसी सेक्शन के तहत तहत बरकाकाना, भुरकुंडा, पतरातू, कुजू, चैनपुर, राय, बचरा, खलारी समेत कई साइडिंग आते हैं. सभी की स्थिति खराब है. नवंबर में बरकाकाना में घटी थी घटना : जर्जर साइडिंग के कारण बरकाकाना की मिलिट्री साइडिंग से माल अनलोड कर लौट रही मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतर गये थे. घटना इसी वर्ष 15 नवंबर को शाम सात बजे हुई थी. रात भर मशक्कत के बाद अहले सुबह लगभग 4.30 बजे डिब्बों को पटरी पर लाया जा सका था.

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