परीक्षा से वंचित रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों का फूटा गुस्सा, शिक्षकों को बनाया बंधक
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jun 2019 9:01 PM
प्रतिनिधि चितरपुर : रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने गुरुवार संध्या जमकर हंगामा किया और कॉलेज के सभी शिक्षकों को मीटिंग हॉल में बंद कर दिया. साथ ही प्रशासनिक भवन में भी ताला जड़ दिया गया. आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज में तोड़फोड़ भी की. शिक्षकों को शाम पांच बजे से रात्रि साढ़े आठ बजे तक […]
प्रतिनिधि
चितरपुर : रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने गुरुवार संध्या जमकर हंगामा किया और कॉलेज के सभी शिक्षकों को मीटिंग हॉल में बंद कर दिया. साथ ही प्रशासनिक भवन में भी ताला जड़ दिया गया.
आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज में तोड़फोड़ भी की. शिक्षकों को शाम पांच बजे से रात्रि साढ़े आठ बजे तक बंधक बना कर रखा गया. बताया जाता है कि रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज के द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के लगभग 500 से अधिक छात्र-छात्राएं 16 मई से होने वाली परीक्षा देने से वंचित रह गये थे.
प्रबंधन द्वारा बताया गया था कि कॉलेज को मान्यता नहीं मिलने से छात्रों का एडमिट कार्ड नहीं आया. जिसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर किया गया था. जिसमें न्यायालय द्वारा 12 जून को इस मामले में फैसला सुनाया जाना था. लेकिन इस मामले में पुनः तिथि 17 जून को बढ़ाये जाने पर छात्रों का गुस्सा फूट गया और सभी शिक्षकों को बंद कर हो-हंगामा करने लगे.
छात्रों का कहना था कि पिछले एक माह से प्राचार्या श्रावणी रॉय कॉलेज से गायब हैं और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है. उपप्राचार्य नजमुल इस्लाम भी पिछले कई दिनों से कॉलेज में नहीं हैं. वे 11 जून को तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर नहीं आये. जबकि 12 जून को फैसला आने वाला था. कॉलेज प्राचार्य विहीन हो गया है. यहां छात्रों को सुनने वाला कोई नहीं है.
उधर परीक्षा नियंत्रक पिनाकी रंजन दास ने बताया कि यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा है. हाईकोर्ट के फैसला का इंतजार किया जा रहा है. उधर छात्रों ने कहा कि सेमेस्टर के लिए 40 हजार व परीक्षा फीस के लिए दो हजार 570 रुपया लिया गया. इसके बावजूद हमलोगों का एडमिट कार्ड नहीं आया. जबकि इसी मामले में बीआईटी सिंदरी व यूसेट हजारीबाग के छात्रों का परीक्षा लिया गया.
छात्रों का कहना है कि जब कॉलेज मान्यता प्राप्त नहीं था, तो नामांकन क्यों लिया गया. परीक्षा नहीं होने से छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया गया. छात्र प्राचार्य व निदेशक के कॉलेज आने के मांग पर अड़े हुए हैं. घटना की सूचना मिलने के बाद रजरप्पा पुलिस कॉलेज पहुंची. लेकिन पुलिस को भी मीटिंग हॉल में नहीं जाने दिया गया.
समाचार लिखे जाने तक सभी शिक्षक मीटिंग हॉल में ही बंधक बने हुए थे. शिक्षकों का कहना था कि संबद्धता के मामले में सरकार, यूनिवर्सिटी व कॉलेज प्रबंधन दोषीवार है. गौरतलब हो कि यह कॉलेज हमेशा विवादों में रहता है. यहां आये दिन कुछ न कुछ घटना होते रहती है.
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