जानकारी के अनुसार घाघरा कोरांबे गांव निवासी सुनील सिंह मुंडा 19 अगस्त 2017 को अपनी पत्नी विसोखा देवी की गुमशुदगी का सनहा गोला थाना में दर्ज कराया था. कुछ दिनों बाद विसोखा ने अपनी मां से मोबाइल पर बात की और बताया कि वह ठीक है. जिसकी जानकारी विसोखा की मां ने अपने दामाद सुनील सिंह मुंडा को दी.
सुनील ने इसकी सूचना गोला पुलिस को दी. पुलिस ने जब उस मोबाइल नंबर को ट्रेस किया, तो पता चला कि यह नंबर कोरांबे गांव के ही दिवाकर प्रसाद उर्फ पप्पू भगत की है. पुलिस ने जांच तेज करते हुए दिवाकर को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की. दिवाकर ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबुल करते हुए कहा कि वह विसोखा को पहले अपने प्रेम जाल में फंसाया. इसके बाद दिवाकर ने पैसों का प्रलोभन देकर अपने साथियों की मदद से महिला को हरियाणा ले गया. जहां हरियाणा रामनगर झना बस्ती निवासी अपने समधी कप्तान सिंह को 30 हजार रुपये में बेच दिया. हालांकि महिला किस हालत में है परिजनों को कुछ पता नहीं है.

