त्रिशूल व ब्रह्मास्त्र गुड्स ट्रेन का ट्रायल

त्रिशूल गुड्स ट्रेन में 174 जबकि ब्रह्मास्त्र में 232 वैगन
मेदिनीनगर. रेलवे ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से टोरी स्टेशन तक त्रिशूल व ब्रह्मास्त्र के नाम से गुड्स ट्रेन का ट्रायल किया है. त्रिशूल के नाम से 174 वैगन वाले जबकि ब्रह्मास्त्र के नाम से 232 वैगन वाले ट्रेन को एक साथ चलाया गया. इन दोनों ट्रेनों को रात में 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलाया गया. त्रिशूल के नाम से चलाये गये गुड्स ट्रेन की लंबाई करीब तीन किलोमीटर जबकि ब्रह्मास्त्र के नाम से चलाये गये गुड्स ट्रेन की लंबाई चार किलोमीटर थी. दोनों ट्रेनों को आठ घंटे के अंतराल में चलाया गया. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तरह से गुड्स ट्रेन को चलानेे से समय की बचत होगी व खर्च भी कम होगा. ब्रह्मास्त्र के नाम से चलाये गये ट्रेन को टोरी पहुंचने पर दो भागों में बांटकर सामान लोड किया गया. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि 116 वैगन को भरने में करीब ढाई घंटे का समय लगता है. इसलिए 116 वैगन को भरकर एक साथ भेज दिया गया हैे. उसके बाद अलग से 116 वैगन को भरकर भेजा गया. भरे हुए वैगन को दो भागों में वापस भेजा गया. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लोड किये हुए 174 वैगन व 232 वैगन वाले ट्रेन को चलाने के बारे में भी रेलवे विचार कर रंहा है. लेकिन उसके पहले रेलवे द्वारा क्लिपिंग व अन्य चीजों की जांच की जायेगी. सामान्य तौर पर वर्तमान में रेलवे द्वारा 116 वैगन के दो ट्रेन को एक साथ चलाया जा रहा है. जिसमें एक गुड्स ट्रेन में 58 व दूसरे गुड्स ट्रेन में 58 वैगन रहता है.
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