ePaper

भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों की जानकारी आवश्यक: देवव्रत

Updated at : 21 Mar 2025 9:06 PM (IST)
विज्ञापन
भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों की जानकारी आवश्यक: देवव्रत

शुक्रवार को पड़वा थाना परिसर में भारतीय न्याय संहिता को लेकर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हुआ

विज्ञापन

फोटो:21डालपीएच 19 पड़वा. शुक्रवार को पड़वा थाना परिसर में भारतीय न्याय संहिता को लेकर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हुआ. शहर थाना प्रभारी देवव्रत पोद्दार ने बीएनएस के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि एक जुलाई 2024 से यह नया कानून पूरे देश में लागू हो गया है. अब आइपीसी, सीआरपीसी, एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय न्याय संहिता प्रभावी है. उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश के आलोक में पुलिस पदाधिकारियों को इस नये कानून की जानकारी दी जा रही है. उन्होंने बताया कि बीएनएस में कई पुराने कानून को हटाकर नया कानून शामिल किया गया है. इसके अलावा कई धाराओं को भी हटाया गया है. उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता में 20 नये अपराध जोड़े गये है. इसके अलावा 33 अपराधों के लिए कारावास की सजा बढ़ायी गयी है. 83 अपराधो में जुर्माना की राशि बढ़ायी गयी है और 23 अपराधों में अनिवार्य न्यूनतम सजा की शुरुआत की गयी है. उन्होंने कहा कि नये कानून के प्रावधानों की जानकारी सभी पुलिस पदाधिकारियों को होना चाहिये. ताकि थाना में प्राथमिकी दर्ज करने किसी तरह की गलती न हो. मौके पर थाना प्रभारी चंद्रशेखर यादव, पुअनि विक्की कुमार, जितेन्द्र कुमार यादव, नवल किशोर सिंह सअनि अनुज कुमार तिवारी, प्रदुम्न पासवान, जितेन्द्र कुमार सिंह, शंकर राम, अरविंद कुमार तिवारी व सुनील कुमार चौधरी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
VIKASH NATH

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola