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सर्वे कार्यालय में बंदोबस्त पदाधिकारी नहीं, एक लाख से अधिक केस लंबित

Updated at : 11 Dec 2024 8:07 PM (IST)
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सर्वे कार्यालय में बंदोबस्त पदाधिकारी नहीं, एक लाख से अधिक केस लंबित

पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के कचहरी परिसर में स्थित जिला बंदोबस्त कार्यालय में पिछले एक वर्ष से पदाधिकारी का पदस्थापन ही नहीं हुआ है.

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मेदिनीनगर. पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के कचहरी परिसर में स्थित जिला बंदोबस्त कार्यालय में पिछले एक वर्ष से पदाधिकारी का पदस्थापन ही नहीं हुआ है. जिसके कारण जमीन संबंधी कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है. महीनों से लोग अपने काम के लेकर परेशान हैं. पदाधिकारी के नहीं रहने से कार्यालय के कर्मी भी मनमाना तरीके से कार्य करते हैं. जिले के कई प्रखंडों का फाइनल खतियान बन कर तैयार है. लेकिन पदाधिकारी के अभाव में वितरित नहीं हो पा रहा है. लोगों का कहना है कि कार्यालय का रूटिन कार्य भी पूरी तरह से प्रभावित है. इस विभाग से जुड़े वेंडर भी लोगों को समय पर जवाब नहीं दे पाते हैं. पलामू के अलावा गढ़वा व लातेहार जिला का जमीन संबंधी कार्य इसी कार्यालय से होता है. यही हाल जिला रिकॉर्ड रूम का भी है. इस कार्यालय में कैथी के दस्तावेजों का हिंदी भाषा में रूपांतरण करने के लिए किसी कर्मी को जानकारी नहीं है. बताया जाता है कि विजय गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद काम प्रभावित हो गया है. प्रतिदिन अपने काम के लिए लोग आते हैं और निराश होकर लौट जाते हैं. लोगों ने बताया कि दफा 89 एवं 87 केस संबंधित एक लाख से अधिक मामले लंबित हैं. सर्वे कार्यालय में अंधेरगर्दी का यह आलम है कि छोटे काम के लिए भी कर्मी किसी की नहीं सुनते हैं. इस कार्यालय में किसी का नियंत्रण भी नहीं रह गया है. पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड मनातू, पांकी व गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड का फाइनल खतियान बनकर तैयार है. सिर्फ पदाधिकारी के अभाव में वितरण नहीं हो पा रहा है.

जिला रिकॉर्ड रूम में आठ माह से पदाधिकारी नहीं

जिला रिकॉर्ड रूम में वर्तमान में पदाधिकारी नहीं है. हालांकि कुछ दिन पूर्व पलामू डीसी ने बड़े पैमाने पर लिपिक का स्थानांतरण किया है. इस कार्यालय में सच्चितानंद राम का पदस्थापन हुआ है, इस कार्यालय से प्रमंडल स्तर पर जमीन संबंधी खतियान, एमरोल, तनाजा, रिटर्न, तेरीज सहित कई तरह की जरूरी कागजात के नकल निकाले जाते हैं. लेकिन कैथी भाषा की जानकारी नहीं होने से कार्यों का निष्पादन नहीं हो पा रहा है. रिकॉर्ड रूम से 31 मार्च को विजय गुप्ता की सेवानिवृत्ति के बाद कैथी भाषा का कोई जानकार नहीं है. जिसके कारण कार्यों का निष्पादन नहीं हो पा रहा है. विभाग के कर्मियों ने बताया कि कैथी भाषा जानकारी किसी को नहीं है, इसलिए आठ माह से किसी का आवेदन नहीं लिया जा रहा है. कर्मियों ने बताया कि कैथी भाषा का जानकार सर्वे ऑफिस में पदस्थापित राजेश कुमार है. इसके लिए आवेदन पलामू डीसी को भेजा गया है. पूर्व में राजेश कुमार रांची रिकॉर्ड रूम में कार्य कर चुके हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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