पलामू में पांच गांवों को जोड़ने वाली सड़क जर्जर, गड्ढों और फिसलन से हादसे का खतरा

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जर्जर सड़क और इनसेट में ग्रामीण राहुल कुमार. फोटो: प्रभात खबर

जर्जर सड़क और इनसेट में ग्रामीण राहुल कुमार. फोटो: प्रभात खबर

Palamu Road Condition: पलामू के छतरपुर प्रखंड में एनएच-98 से केरकी बाघमवना को जोड़ने वाली सड़क जर्जर हो गयी है. करीब पांच गांवों के ग्रामीण गड्ढों और फिसलन से परेशान हैं. बारिश में स्थिति नारकीय हो जाती है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तीन किलोमीटर जर्जर सड़क का जल्द निर्माण कराने की मांग की है.

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पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Palamu Road Condition: झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड में एनएच-98 स्थित सिलदाग फोरलेन से कतराहा होते हुए केरकी बाघमवना को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क की स्थिति बेहद जर्जर हो गयी है. सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गये हैं. इससे प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. करीब पांच गांवों को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क से रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है. इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया है.

एनएच-98 से तीन किलोमीटर तक सड़क खराब

ग्रामीणों के अनुसार एनएच-98 से करीब तीन किलोमीटर तक सड़क की स्थिति सबसे अधिक खराब है. सड़क की सतह कई स्थानों पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. वाहन चालकों को गड्ढों से बचते हुए किसी तरह सफर करना पड़ता है. ग्रामीण गौतम कुमार ने बताया कि यह सड़क नेशनल हाईवे-98 से केरकी बाघमवना को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है. सड़क की हालत काफी दयनीय हो चुकी है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी मार्ग से छतरपुर प्रखंड मुख्यालय और अन्य स्थानों तक आते-जाते हैं. खराब सड़क के कारण लोगों को अतिरिक्त समय लगने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है.

बारिश में नारकीय हो जाती है सड़क की स्थिति

बारिश के दिनों में इस सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है. गड्ढों में पानी भरने के कारण वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता है. इससे बाइक और अन्य छोटे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी सड़क पर नाली का पानी बहता रहता है. पानी बहने के कारण सड़क पर फिसलन बनी रहती है. विशेष रूप से बाइक सवारों के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो रही है. कई बार बाइक सवार फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं.

आपात स्थिति में ग्रामीणों को होती है परेशानी

ग्रामीण सरिता देवी ने बताया कि सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे अक्सर लोगों के लिए खतरनाक साबित होते हैं. सबसे अधिक परेशानी आपातकालीन स्थिति में होती है. किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाने या जरूरी काम से प्रखंड मुख्यालय जाने के दौरान खराब सड़क के कारण लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ती है. ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क पांच गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है. सड़क खराब होने का असर स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और दैनिक कार्यों से बाहर जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है.

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करीब 10 साल पहले बनी थी पक्की सड़क

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले इस मार्ग पर पक्की सड़क का निर्माण कराया गया था. समय बीतने के साथ सड़क क्षतिग्रस्त होती चली गयी. नियमित मरम्मत नहीं होने के कारण अब इसकी हालत काफी खराब हो चुकी है. सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर ग्रामीणों ने कई बार मौखिक रूप से संबंधित लोगों को समस्या की जानकारी दी है. इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है. ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से एनएच-98 स्थित सिलदाग फोरलेन से केरकी बाघमवना तक जर्जर सड़क का जल्द निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सड़क बनने से पांच गांवों के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी.

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