लाखों की लागत से बने तहसील कचहरी आज भी उपयोगहीन, ग्रामीण परेशान
Published by : Akarsh Aniket Updated At : 22 May 2026 10:06 PM
लाखों की लागत से बने तहसील कचहरी आज भी उपयोगहीन, ग्रामीण परेशान
पिंटू कुमार सिंह, पांकी
पांकी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से बने तहसील कचहरी सह कर्मचारी आवास भवन आज भी उपयोगहीन पड़े हैं. इन भवनों का उद्देश्य था कि राजस्व उपनिरीक्षक अपने क्षेत्र में रहकर कार्य करें ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड मुख्यालय की दौड़ न लगानी पड़े. लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और रख-रखाव की कमी के कारण ये भवन खंडहर में तब्दील हो गये हैं. इन भवनों का ढांचा आधुनिक है-ग्राउंड फ्लोर पर तहसील कचहरी कार्यालय और फर्स्ट फ्लोर पर कर्मचारी आवास की व्यवस्था. परिसर में शौचालय, पानी और चहारदीवारी भी बनायी गयी है. लेकिन ताले लटके रहने और देखरेख न होने से झाड़ियां और गंदगी ने इन्हें घेर लिया है.
कोई भी कर्मचारी इन भवनों में बैठकर कार्य नहीं करता
हूरलौंग, तेतराई, लोहरसी और ताल पंचायतों में नये मॉडल के दो मंजिला भवन बने हैं. वहीं कोनवाई, करार, नौडीहा-1, पांकी पूर्वी और सकलदीपा जैसे स्थानों पर दो दशक पहले ही पुराने मॉडल के भवन तैयार किये गये थे. स्थिति यह है कि इनमें से एक भी भवन का उपयोग नहीं हो रहा. पांकी प्रखंड की 25 पंचायतों को मिलाकर 10 हल्का बनाये गये हैं और प्रत्येक हल्के के लिए एक राजस्व उपनिरीक्षक का पद तय है. लेकिन कोई भी कर्मचारी इन भवनों में बैठकर कार्य नहीं करता.
कोनवाई :सारी सुविधाएं मौजूद होने के बावजूद आज तक कोई कर्मचारी यहां नहीं बैठा कोनवाई पंचायत भवन के पास स्थित कचहरी भवन का पिछले वर्ष ही 19 लाख रुपये की लागत से जीर्णोद्धार कराया गया. सारी सुविधाएं मौजूद होने के बावजूद आज तक कोई कर्मचारी यहां नहीं बैठा. भवन बंद रहने से चारों तरफ घास-फूस उग आई है. यदि यह कार्यालय चालू होता, तो आस-पास के 12 टोलों के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलती. फिलहाल उन्हें 12 किलोमीटर दूर प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है.हूरलौंग : पूरा परिसर जंगली झाड़ियों से घिर गया है
हूरलौंग पंचायत में वर्षों पहले बने भवन में लगातार ताला लटका हुआ है. पूरा परिसर जंगली झाड़ियों से घिर गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए भवन बनवाती है, लेकिन जनता के उपयोग के लिए कोई पहल नहीं होती. यदि यह कार्यालय चालू होता, तो पंचायत के 22 गांवों के लोगों को 12–15 किलोमीटर दूर मुख्यालय नहीं जाना पड़ता.
तेतराई और पांकी पूर्वी : पांच वर्ष पूर्व दो मंजिला भवन बना, लेकिन बेकार तेतराई पंचायत के अम्बेडकर हाई स्कूल परिसर में करीब पांच वर्ष पूर्व दो मंजिला भवन बना, लेकिन आज तक उपयोग नहीं हुआ. इसी तरह पांकी पूर्वी का भवन भी बेकार पड़ा है. दोनों जगहों के ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अब भी प्रखंड मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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