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विश्व रंगमंच दिवस पर सच या झूठ नाटक का मंचन

Updated at : 27 Mar 2025 8:36 PM (IST)
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विश्व रंगमंच दिवस पर सच या झूठ नाटक का मंचन

भारतीय जन नाट्य संघ ने गुरुवार को विश्व रंगमंच दिवस मनाया.

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मेदिनीनगर. भारतीय जन नाट्य संघ ने गुरुवार को विश्व रंगमंच दिवस मनाया. इस अवसर पर गुरुवार को कचहरी परिसर में नुक्कड़ नाटक हुआ. इप्टा के राष्ट्रीय सचिव शैलेंद्र कुमार ने कहा कि देश की राजनीतिक हालात सही नहीं है. देश की वर्तमान राजनीति ने आम नागरिकों के दिलों-दिमाग में नफरत भर दिया है. स्थिति यह है कि देशवासी हिंदू-मुसलमान और हिंदुस्तान-पाकिस्तान के मुद्दे में उलझे हुए हैं. उन्होंने कहा कि हुक्मरानों ने जानबूझकर यह स्थिति पैदा की है, ताकि लोगों का ध्यान मुख्य समस्या से हटा रहे हैं. देश में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई गंभीर समस्या बनी हुई है. इसके समाधान के लिए हुक्मरान चिंता नहीं कर रहे हैं और ना ही इन मुद्दाें पर चर्चा ही हो रही है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में हमें खुद से पूछना चाहिए कि हम कैसा देश बना रहे हैं. इप्टा के कलाकारों ने सच या झूठ शीर्षक का प्रभावशाली लघु नाटिका का मंचन किया. नाटिका की शुरुआत में कलाकार हाथों में पोस्टर लिए मंच पर आते हैं, जबकि नेपथ्य में “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता ” श्लोक गूंजता है. पोस्टरों पर धर्मशास्त्रों की बातें लिखी होती हैं. तभी एक व्यक्ति प्रवेश करता है और इन शास्त्रीय कथनों को व्यंग्यात्मक लहजे में पढ़ते हुए कहता है. “ये सारी बातें केवल ग्रंथों की शोभा बढ़ाने के लिए हैं, वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है. ” इसके बाद, नाटक में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया जाता है—क्या ये शास्त्रीय बातें सच हैं या केवल दिखावा. नाटक के माध्यम से हाइकोर्ट इलाहाबाद के उस विवादास्पद फैसले पर सवाल उठाया गया. इलाहाबाद हाइकोर्ट का कहना है कि एक महिला के साथ छेड़छाड़ के मामले को काेर्ट ने दुष्कर्म का प्रयास नहीं माना जायेगा. नाटक के माध्यम से इस संदर्भ में न्यायपालिका और उच्च पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही पर जोर दिया गया और गलत के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया गया. इस लघु नाटिका की रचना इप्टा के वरिष्ठ कलाकार उपेंद्र कुमार मिश्रा ने की थी, जबकि दृश्य कल्पना प्रेम प्रकाश द्वारा की गयी. नाटक में इलाहाबाद हाइकोर्ट के फैसले और कुणाल कामरा पर हुए हमले की कड़ी निंदा की गयी और इससे जुड़ी घटनाओं को उजागर किया गया. इप्टा के उपेंद्र कुमार मिश्रा, प्रेम प्रकाश, सुरेश सिंह, संजीत कुमार दुबे, अजीत ठाकुर व संजीव कुमार संजू ने नाटक में हिस्सा लिया. मौके पर अशोक निगम, युगल पाल, शिव शंकर प्रसाद, समरेश सिंह, दिलीप दुबे, भारत भूषण, मंटू गुप्ता, अश्विनी पांडेय सहित कई लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATYAPRAKASH PATHAK

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