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ऐसा हुआ तो हो सकता है पलामू टाइगर रिजर्व में सातवां बाघ, जांच शुरू, बॉर्डर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ी

Updated at : 09 Jan 2025 6:00 AM (IST)
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पलामू टाइगर रिजर्व में मौजूद बाघ के निशान

पलामू टाइगर रिजर्व में मौजूद बाघ के निशान

Palamu Tiger Reserve Palamu: पलामू टाइगर रिजर्व में सातवां बाघ होने की संभावना जतायी गयी है. इसके लिए जांच शुरू कर दी गयी है. बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है.

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पलामू, संतोष कुमार: पलामू टाइगर रिजर्व के बॉर्डर एरिया गढ़वा के जंगलों में मौजूद बाघ की तस्वीर और पगमार्क को खंगालने पर पहले से मौजूद बाघों से भिन्न नतीजा मिलता है तो वह सातवां बाघ हो सकता है. पीटीआर में एक बाघिन सहित अन्य पांच बाघों के होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है. गढ़वा के जंगलों में बाघ की मौजूदगी के प्रमाण मिलने के बाद पीटीआर के बॉर्डर एरिया में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है. वनकर्मियों को बाघ की सभी गतिविधियों पर गंभीरता से नजर रखने का निर्देश दिया गया है.

जगह-जगह लगाया गया है कैमरा

जगह-जगह पर कैमरा लगाया गया है और उसकी तस्वीर लेने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही उसके स्केट और पग मार्क को लेकर यह भी छानबीन की जा रही है कि गढ़वा के जंगलों में दिखने वाला बाघ पिछले महीने करीब 15 दिनों तक बेतला नेशनल पार्क में दिखने वाला बाघ है अथवा कोई और. विभागीय पदाधिकारी के अनुसार सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है.

एक बाघिन समेत चार बाघ की गतिविधियां बनी हुई है

विभागीय पदाधिकारियों की मानें तो इधर एक बाघिन सहित अन्य चार बाघ के विभिन्न इलाकों में गतिविधियां बनी हुई है. बेतला नेशनल पार्क के अलावा कूटकू, नैना फॉल जागीर आदि इलाकों में पिछले महीने से बाघ की गतिविधियां बनी हुई थी जिसकी कई तस्वीरें को खंगालने का प्रयास किया गया है.

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पलामू टाइगर रिजर्व में खुशी की लहर

गढ़वा इलाके में बाघ के होने की पुष्टि होने के बाद पलामू टाइगर रिजर्व में भी खुशी की लहर है. विभागीय पदाधिकारी के द्वारा यह बताया जा रहा है कि पलामू टाइगर रिजर्व के लिए यह गौरव की बात है कि अब बाघ यहां लगातार अपनी गतिविधियां बनाये हुए हैं. जानकारी के अनुसार पीटीआर में बाघ अपनी मूवमेंट को लगातार बदलते रहता है. कभी भी किसी इलाके में स्थाई तौर पर लगातार नहीं रहता है. इसलिए टाइगर ट्रैकर बाघों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर बनाये रखते हैं. पिछले एक सप्ताह से बेतला इलाके में बाकी गतिविधियां नहीं मिल रही है. इसलिए उम्मीद यह भी लगाया जा रही है कि संभवतः बेतला का बाघ ही गढ़वा के जंगल की तरफ चला गया हो.

कुटकू भंडारिया के तरफ से बाघों के आने का गलियारा

1129 वर्ग किलोमीटर में फैले पलामू टाइगर रिजर्व का बाहरी इलाका पूरी तरह से खुला है जो छत्तीसगढ़ से भी जुड़ा हुआ है. इसलिए कुटकू भंडारिया के तरफ से बाघों के आने का गलियारा है. जहां से उनका आना-जाना लगा रहता है. इसलिए संभावना जताई जा रही है कि छत्तीसगढ़ के तरफ से आने वाला यह कोई अन्य बाघ हो.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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