झारखंड : लोकसभा चुनाव बहिष्कार के बैनर के साथ माओवादी समर्थक पलामू से गिरफ्तार

लोकसभा चुनाव बहिष्कार करने की अपील संबंधी 7 बैनर के साथ पुलिस ने झारखंड के पलामू से एक माओवादी समर्थक को गिरफ्तार किया है. इसने पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं.
डालटेनगंज, चंद्रशेखर : लोकसभा चुनाव 2024 से पहले चुनाव बहिष्कार के बैनर के साथ झारखंड के पलामू जिले की पुलिस ने एक माओवादी समर्थक को गिरफ्तार किया है. छतरपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नौशाद आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुधवार (3 अप्रैल) को यह जानकारी दी.
माओवादी समर्थक के पास मिला चुनाव बहिष्कार का बैनर
पलामू जिले के पिपरा थाना क्षेत्र से माओवादी समर्थक के पास से एक बैनर मिला है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिय है. गिरफ्तार माओवादी समर्थक को जेल भेज दिया गया है. छतरपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नौशाद आलम ने बताया कि पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन एवं विशेष शाखा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई.
बनाही गांव के पंकज प्रजापति ने घर में रखे थे नक्सलियों के पोस्टर
उन्होंने बताया कि एसपी को सूचना मिली थी की माओवादी नक्सली संगठन के सक्रिय सदस्य पिपरा थाना क्षेत्र के बनाही गांव के पंकज प्रजापति ने आगामी लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने संबंधी नक्सली समर्थक पोस्टर तैयार करके माओवादी संगठन को देने के लिए अपने घर में रखा है.

पीले रंग के थैले में मिला लाल रंग का बैनर, लिखी थी ये बातें…
उन्होंने बताया की पिपरा थाना प्रभारी विमल कुमार के साथ पंकज प्रजापति के बनाही स्थित घर पर छापामारी की गयी. एक थैले में लाल रंग का कपड़ा मिला. दरअसल, यह एक बैनर था, जिस पर माओवादी संगठन ने चुनाव के बहिष्कार करने की अपील करने की बात लिखी हुई थी.
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18वीं लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की की गई थी अपील
बैनर पर लिखा था- 18वीं लोकसभा चुनाव का आम जनता बहिष्कार करे. जनता की नई जनवादी राज्य कायम करें. जल जंगल जमीन पर अपना हक कायम करना है, तो मजदूर किसानों का अपना राज बनाना होगा. भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था बनाना है, तो मौजूदा भ्रष्ट व्यवस्था को ध्वस्त कर क्रांतिकारी जन कमेटी जनता के सरकार का गठन करने की बात लिखे 7 बैनर के साथ एक की-पैड वाला मोबाइल फोन भी बरामद हुआ.
औरंगाबाद के माओवादी राजेंद्र के कहने पर बनाए थे पोस्टर
उन्होंने बताया की बैनर के संबंध में आरोपी पंकज से पूछताछ की गई, तो उसने कई जानकारी दी. उसने बताया कि बिहार के औरंगाबाद के माली थाना के सोरी गांव के माओवादी राजेंद्र सिंह के कहने पर उसने ये बैनर बनवाये थे. सभी सामग्री माओवादी राजेंद्र सिंह को सौंपने थे.
पिपरा थाना में दर्ज हुई नामजद प्राथमिकी
एसडीपीओ नौशाद आलम ने बताया की प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन का सदस्य होना और चुनाव बहिष्कार करने के उद्देश्य से बैनर बनवाकर रखना संज्ञेय अपराध है. इसलिए आरोपी पंकज प्रजापति और राजेंद्र सिंह के विरुद्ध पिपरा थाना में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 17 सीएलए एक्ट, 13 यूएपी एक्ट एवं अन्य धाराओं के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है.
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पीले रंग की थैली में मिले लाल रंग के कपड़े से बने 7 बैनर
उन्होंने बताया की पंकज के पास से एक पीले रंग की थैली में रखे लाल रंग के कपड़े से बने 7 बैनर और एक आई-टेल कंपनी का फीचर फोन बरामद हुआ है.
अभियान में शामिल पुलिस पदाधिकारी
- छतरपुर के एसडीपीओ नौशाद आलम
- पिपरा थाना प्रभारी विमल कुमार
- मनोज राणा
- जिला बल के जितेंद्र राम
- रवि चौधरी
- सत्येंद्र पाल
- आईआरबी के हवलदार उमाशंकर सिंह
- संजेश कुमार झा
- रामचंद्र प्रसाद
- राजकुमार सिंह
- राहुल कुमार यादव
- सनातन कच्छप
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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