Jharkhand News: पलामू में TSPC का उग्रवादी गिरफ्तार, गांव वालों से बदला लेने के लिए ज्वॉइन किया था संगठन

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पुलिस के साथ टीएसपीसी का गिरफ्तार उग्रवादी

पुलिस के साथ टीएसपीसी का गिरफ्तार उग्रवादी

Jharkhand News: पलामू में टीएसपीसी का सक्रिय सदस्य जितेंद्र सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उसे नौडीहा बाजार थाना की पुलिस ने बाराखांड़ डैम के पास पकड़ा है.

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Jharkhand News, पलामू, चंद्रशेखर सिंह: पलामू के नौडीहा बाजार से पुलिस ने टीएसपीसी के सक्रिय सदस्य जितेंद्र सिंह उर्फ मंत्री उर्फ अभियंता को गिरफ्तार करने में सफलता पायी है. इस संबंध में एएसपी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि उसने ग्रामीणों से बदला लेने के लिए इस उग्रवादी संगठन को ज्वॉइन किया था. दरअसल, पुलिस को शुक्रवार सुबह गुप्त सूचना मिली थी कि टीएसपीसी का सक्रिय सदस्य जितेंद्र सिंह नौडीहा बाजार के बाराखांड़ डैम के पास आने वाला है. सूचना के बाद एक स्पेशल टीम का गठन किया गया. एएसपी के निर्देश पर पुलिस जब उस जगह पर पहुंची तो देखा कि एक आदमी भोरहा पहाड़ी की ओर से चला रहा है. पुलिस को देखकर वह शख्स भागने लगा. जिसके बाद पुलिस ने उसे दौड़ाकर पकड़ा और पूछताछ की. इस दौरान उन्होंने टीएसपीसी का सदस्य होने की बात स्वीकार की.

नगीना व आक्रमण ग्रुप के लिए करता था काम

पलामू एएसपी ने बताया कि वह नगीना व आक्रमण ग्रुप के लिए काम करता है. इसके ग्रुप में करीब 10 सदस्य हैं. जिसमें से आठ सदस्य के पास हथियार है. वह उग्रवादियों के लिए मुखबिरी का भी काम कर चुका है.

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क्या है आपराधिक इतिहास

एएसपी ने बताया कि जितेंद्र सिंह के खिलाफ नौडीहा बाजार थाना में दो मामले दर्ज हैं. जबकि छतरपुर थाना में इसके विरुद्ध चार मामले दर्ज हैं. उन्होंने कहा कि 20 मई को सलैया खुर्द में आपसी विवाद को लेकर उन्होंने ग्रामीणों को बेरहमी से पीटा था. जबकि 24 अक्टूबर को तिरुदाग के पहाड़ी पर पुलिस के साथ गोलीबारी हुई थी. जिसमें वह शामिल था. इसके अलावा चार अप्रैल को भी वह छतरपुर थाना अंतर्गत रजडेरवा में भी टावर कर्मियों के साथ मारपीट की घटना में भी वह शामिल था. वह पहले कई मामलों में जेल जा चुका है.

कैसे शामिल हुआ संगठन में

जानकारी के अनुसार साल 2020 में टीएसपीसी का सदस्य जितेंद्र सिंह के गांव के पास एक पुल का निर्माण हो रहा था. वहां वह मुंशी का काम करता था. गांव के लोग पुल के निर्माण में लगे सामान को चोरी कर ले जाते थे. इस कारण उसकी अक्सर ग्रामीणों के साथ लड़ाई होते रहती थी. इसके बाद उसने गांव के लोगों से बदला लेने का ठाना और उग्रवादी संगठन में शामिल हो गया. शुरू में वह उग्रवादियों के लिए खाना लाने और ले जाने का काम करता था. फिर धीरे-धीरे वह उग्रवादियों का साथ मिलकर कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देने लगा. छापेमारी अभियान में नौडीहा बाजार थाना प्रभारी अमित कुमार द्विवेदी, सहायक अवर निरीक्षक टुनटुन कुमार, अजय कुमार राय, दीपक कुमार, आरक्षी नागेंद्र राम व नौडीहा बाजार थाना के रिजर्व गार्ड शामिल थे.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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