भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी जल जीवन मिशन योजना, 52 जलमीनार बंद, शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे ग्रामीण
Published by : Akarsh Aniket Updated At : 03 Jun 2026 9:53 PM
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी जल जीवन मिशन योजना, 52 जलमीनार बंद, शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे ग्रामीण
प्रतिनिधि, नौडीहा बाजार डगरा पंचायत की स्थिति जल जीवन मिशन योजना की असफलता और भ्रष्टाचार की गहरी तस्वीर पेश करती है. प्रखंड मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर बसे इस अति नक्सल प्रभावित आदिवासी एवं अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में सरकार ने घर-घर नल से जल पहुंचाने के लिए लगभग 52 सोलर प्लेट आधारित जलमीनारें स्थापित की थीं. इन जलमीनारों पर 10 से 15 लाख रुपये तक की लागत आयी थी. उद्देश्य था कि गरीब आदिवासी और अनुसूचित जाति परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाये.
घटिया निर्माण किया और पूरी राशि निकाल लीग्रामीणों का आरोप है कि संवेदक ने विभाग से मिलीभगत कर घटिया निर्माण किया और पूरी राशि निकाल ली. पाइपलाइन को नियमों के विपरीत मात्र छह इंच गहराई में बिछा दिया गया, जिससे मवेशियों और वाहनों के दबाव से पाइप जगह-जगह फट गयी. परिणामस्वरूप जलमीनारें कुछ ही दिनों में बंद हो गयीं और अब शोभा की वस्तु बनकर रह गयी हैं. कहीं मोटर खराब है तो कहीं पाइपलाइन पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है.
कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन आज तक कोई सुधार नहीं हुआस्थानीय मुखिया ने बताया कि इस समस्या को लेकर विभाग को कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन आज तक कोई सुधार नहीं हुआ. संपन्न परिवार तो निजी स्तर पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कर लेते हैं, लेकिन गरीब तबके के लोग कुओं और चापाकलों पर निर्भर हैं. उन्हें दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है, जिससे उनकी कठिनाइयां और बढ़ गयी हैं.ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे घोटाले की जांच और जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है. यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह योजना पूरी तरह विफल साबित होगी और गरीबों के लिए शुद्ध पेयजल का सपना अधूरा रह जायेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










