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निकाय चुनाव 2026. बिना वित्तीय प्रमाण के चुनावी मैदान में उतरना मुमकिन नहीं

Updated at : 12 Jan 2026 11:40 PM (IST)
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निकाय चुनाव 2026. बिना वित्तीय प्रमाण के चुनावी मैदान में उतरना मुमकिन नहीं

बकाया टैक्स नहीं चुकाया, तो नहीं लड़ पायेंगे चुनाव

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साहिबगंज. नगर निकाय चुनाव 2026 में अध्यक्ष वा वार्ड पार्षद का नामांकन वहीं व्यक्ति दाखिल कर सकेगा, जिसने निकाय का बकाया टैक्स, चुनाव शुल्क या किराया चुका दिया हो. उम्मीदवारी को 2024-25 तक के सभी करों का पूर्ण भुगतान करना अनिवार्य होगा. राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर राज्य के सभी डीसी को पत्र भेजा है. इसके तहत बकायेदारों को चुनाव लड़ने से वंचित रखा जायेगा. इस आदेश के बाद उन संभावित उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ गयी है, जिनके ऊपर नगर निकाय का टैक्स या किराया बकाया है. आयोग ने साफ किया है कि उम्मीदवारों को न केवल मूल बकाया राशि जमा करनी होगी, बल्कि उस पर लगने वाले साधारण ब्याज का भुगतान भी हर हाल में करना होगा. विना वित्तीय प्रमाण के चुनावी में उतरना मुमकिन नहीं होगा. गलत जानकारी दी, तो रद्द होगा. नामांकन पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने स्व-घोषणा पत्र का प्रावधान कड़ा कर दिया है. नामांकन के समय अभ्यर्थी को अपनी देनदारियों से संबंधित शपथ पत्र देना होगा. यदि सत्यापन के दौरान घोषणा-पत्र में कोई जानकारी छिपाई गयी या गलत तथ्य पाये गये तो संबंधित उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया जायेगा. राज्य के सभी डीसी को निर्देशों का पालन कराने को कहा गया है. आरक्षण का निर्धारण होने के साथ चुनावी सरगर्मी तेज साहिबगंज नगर परिषद, राजमहल व बरहरवा नगर पंचायत में आरक्षण का निर्धारण होने के साथ ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गयी है. राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर परिषद अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष के पदों के लिए आरक्षण की स्थिति स्पष्ट कर दी है. नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में आरक्षण तय होने के बाद अब वार्ड स्तर पर भी हलचल बढ़ गयी है. वार्ड सदस्य से लेकर मेयर के पदों के लिए दावेदारों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के लिए गुलाबी रंग का बैलेट पेपर होगा, जबकि वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशियों के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर इस्तेमाल किया जायेगा. दो से अधिक बच्चे वाले नहीं लड़ पायेंगे चुनाव, बिगड़ा समीकरण राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश ने कई भावी प्रत्याशियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. आयोग ने साफ किया है कि दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह नियम उन प्रत्याशियों पर लागू होगा. जिनका तीसरा या उससे अधिक बच्चा 9 फरवरी 2013 के बाद पैदा हुआ है. यदि किसी प्रत्याशी के दो से अधिक बच्चे हैं, लेकिन आखिरी बच्चे का जन्म निर्धारित तारीख से पहले हुआ है, तो वे पात्र होंगे. इस तकनीकी पेच की वजह से साहिबगंज, राजमहल व बरहरवा क्षेत्र के कई सक्रिय चेहरे, जो वर्षों से जमीन तैयार कर रहे थे, अब चुनावी दौड़ से बाहर हो गये हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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