आपात स्थिति में उत्कृष्ट कार्य के लिए चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी सम्मानित

Updated at : 21 Dec 2024 8:48 PM (IST)
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आपात स्थिति में उत्कृष्ट कार्य के लिए चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी सम्मानित

शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ. इसकी अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने की.

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मेदिनीनगर. शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ. इसकी अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने की. संचालन डीपीएम प्रदीप सिन्हा ने किया. समारोह में मेदिनीराय मेडिकल काॅलेज अस्पताल के एसएनसीयू के प्रभारी चिकित्सक डॉ गौरव विशाल, डॉ रजी, एएनएम ममता कुमारी त्रिशूल, दयानी ओरिया एवं तकनीशियन रवि कुमार को सम्मानित किया गया. सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने उन्हें प्रशस्ति पत्र, माेमेंटो देकर एवं शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया. मालूम हो कि 13 दिसंबर की देर रात मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में अचानक आग लग गयी थी, उस वक्त उस वार्ड में कई नवजात शिशु भर्ती थे. बताया जाता है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी. इस विकट परिस्थिति में एसएनसीयू में डयूटी पर तैनात एएनएम ममता कुमारी त्रिशुल व दयानी ओरिया ने अपनी सूझबूझ व साहस का परिचय दिया. दोनों स्वास्थ्य कर्मियों ने एसएनसीयू वार्ड में भर्ती सभी शिशुओं को सुरक्षित वहां से बाहर निकाला और दूसरी जगह पर शिफ्ट किया. इन नवजात शिशुओं को तत्काल ऑक्सीजन भी उपलब्ध कराया. इस दौरान उन कर्मियों ने अस्पताल में डयूटी कर रहे अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी घटना की जानकारी दी. इसके अलावा बिजली के उपकरण को बंद किया, ताकि खतरे को टाला जा सके. सिविल सर्जन ने बताया कि दोनों एएनएम ने साहसिक कदम उठाते हुए नवजात शिशु की जान बचायी. एसएनसीयू के प्रभारी डॉ गौरव विशाल व डॉ रज्जी की देख-रेख में तकनीशियन रवि कुमार ने उस वार्ड को व्यवस्थित किया. सिविल सर्जन ने बताया कि आपात स्थिति में साहसिक योगदान व उत्कृष्ट कार्य के लिए विभाग के द्वारा उन्हें सम्मानित कर उत्साहवर्द्धन किया गया है. अन्य स्वास्थ्य कर्मियों व चिकित्सकों को भी इनके अदभुत साहस और उत्कृष्ट योगदान का सीख लेनी चाहिए. समारोह में डॉ गौरव विशाल, डाॅ रज्जी, एएनएम ममता त्रिशुल, दयानी ओरिया व रवि कुमार ने उस आपात स्थिति का अनुभव साझा किया. बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन लोगों ने एक पल भी बेकार गंवाना उचित नहीं समझा. अपनी जान की परवाह किये बिना ही नवजात शिशुओं की जान बचाने के लिए परिस्थिति का सामना किया. सिविल सर्जन ने कहा कि अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी आपात स्थिति में शांत चित्त होकर बचाव का रास्ता खोजना चाहिए. स्थिति की गंभीरता को देखकर घबराने की बजाय उससे बचना और दूसरों को बचाने का प्रयास करना चाहिए. मौके पर जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ एसके रवि, डीपीएम प्रदीप सिन्हा, डॉ प्रेमचंद सहित कई कर्मी मौजूद थे.

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