एमपीडब्ल्यू पर सखी वन स्टॉप सेंटर की दिव्यांग लड़की से यौन शोषण का आरोप

Updated at : 20 Apr 2025 8:59 PM (IST)
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एमपीडब्ल्यू पर सखी वन स्टॉप सेंटर की दिव्यांग लड़की से यौन शोषण का आरोप

सखी वन स्टॉप सेंटर में लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार करने का मामला प्रकाश में आया है.

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मेदिनीनगर. पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर में संचालित बालिका गृह के बाद सखी वन स्टॉप सेंटर में लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार करने का मामला प्रकाश में आया है. पीड़िता व सेंटर में कार्यरत महिला कर्मी ने इसकी शिकायत मानवाधिकार परिषद से की. इसके बाद मामले का खुलासा हुआ. रविवार को पटेल नगर सूदना स्थित परिषद के कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में संस्था की जिलाध्यक्ष संध्या देवी ने इस मामले की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर अब महिलाओं के लिए यातना गृह बन गया है. वहां कार्यरत कर्मी के द्वारा महिला के साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायत मिली है. उन्होंने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर की बहुद्देश्यीय सहायक माया देवी ने इसकी लिखित शिकायत दी है. परिषद की टीम ने शनिवार को सेंटर जाकर मामले की तहकीकात की. जांच के क्रम बहुद्देश्यीय सहायिका माया देवी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सेंटर में प्रतिनियुक्त एमपीडब्ल्यू विकास कुमार एक गूंगी, बहरी लड़की का यौन शोषण करता है. इस तरह की हरकत देख कर उसने वरीय पदाधिकारी को जानकारी दी. इस मामले में आरोपी पर कार्रवाई करने की बजाय सेंटर के केंद्रीय प्रशासक श्वेता कुमारी के द्वारा उसे ही प्रताड़ित किया जाने लगा. इसके बाद वह परिषद से लिखित शिकायत की. संस्था की अध्यक्ष संध्या देवी ने बताया कि इस सेंटर में अनैतिक कार्य होता आ रहा है. इस पर रोक लगे, इसके लिए प्रशासन गंभीर नहीं है. सुरक्षा के नाम पर एक महिला पुलिस कर्मी को प्रतिनियुक्त किया गया है. परिषद के महासचिव महेंद्रनाथ शर्मा, महिला विंग की अध्यक्ष मंजू कुमारी, अस्तोरा देवी, लीगल को ऑर्डिनेटर रविरंजन शुक्ला, अंकित कश्यप ने इस मामले में कार्रवाई की मांग जिला प्रशासन से की है.

सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करे प्रशासन : विमला

बीस सूत्री क्रियान्वयन समिति की जिला उपाध्यक्ष विमला कुमारी ने जिले में संचालित बालिका गृह, बाल गृह व सखी वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्था पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस उद्देश्य को लेकर इसकी स्थापना की है. उसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है, बल्कि उन्हें सुरक्षा व मान सम्मान की बजाय उन्हें अपमान व शोषण का शिकार होना पड़ रहा है. रक्षक ही भक्षक बन जा रहे हैं. प्रशासन भी मूक दर्शक बनी हुई है. सूदना बालिका गृह व सखी वन स्टॉप सेंटर की घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है. इस जघन्य अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही सुरक्षा का व्यापक इंतजाम प्रशासन को करना चाहिए. प्रत्येक सप्ताह वरीय पदाधिकारी केंद्र का निरीक्षण करें और स्थिति का जायजा लें.

मामले की हो रही है जांच : नीता चौहान

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर में अनैतिक कार्य की शिकायत मिली है. पूरे मामले की जांच करायी जायेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. शिकायत मिलने पर वह शनिवार को सेंटर गयी थी और पीड़िता से मिल कर मामले की जानकारी ली है.

आरोपी का प्रतिनियोजन किया रद्द : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डा अनिल कुमार ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर में स्वास्थ्य विभाग के दो एमपीडब्ल्यू को प्रतिनियुक्त किया गया था. वहां रह रहीं महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के लिए यह व्यवस्था की गयी थी. शिकायत मिलने पर आरोपी एमपीडब्लयू विकास कुमार को हटा दिया गया है. मामले की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई होगी.

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