पाकुड़िया में बेरोजगारी की समस्याएं, शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं, लोग करते हैं पलायन
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 08 Jan 2025 5:31 PM
प्रखंड मुख्यालय के सिदो-कान्हू चौक पर बुधवार को प्रखंड की समस्याओं को लेकर प्रभात संवाद का आयोजन किया गया.
पाकुड़िया. प्रखंड मुख्यालय के सिदो-कान्हू चौक पर बुधवार को प्रखंड की समस्याओं को लेकर प्रभात संवाद का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों से स्थानीय समस्याओं के बारे में जनना और समाधान के लिए सुझाव प्राप्त करना था. कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न जगहों से लोग शामिल हुए. इस दौरान लोगों ने स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया. संवाद के दौरान रोजगार, मजदूरों के पलायन और शिक्षा व्यवस्था जैसी समस्याएं सामने आयी. संवाद कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बताया कि प्रखंड में बेरोजगारी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है. रोजगार के पर्याप्त अवसर न होने के कारण बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं. खासकर यह पलायन मजदूर वर्ग के लोगों में ज्यादा है. स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए योजनाओं की आवश्यकता है. कहा कि हालांकि सरकार व स्थानीय प्रशासन की ओर से रोजगार सृजन के लिए मनरेगा व अन्य योजनाओं के माध्यम से मजदूर वर्ग के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. पर मजदूरी भुगतान में देरी होने के कारण मजदूर उन योजनाओं से किनारा कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों की स्थापना होनी चाहिए. इससे लोगों को रोजगार के नये अवसर मिल सकते हैं और पलायन पर रोक लगाई जा सकती है. स्थानीय लोगों बताया कि शिक्षा व्यवस्था भी गंभीर संकट से गुजर रही है. यहां के विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है. कई स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जिस कारण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना मुश्किल हो गया है. यह समस्या विशेष रूप से सरकारी स्कूलों में ज्यादा है, जहां शिक्षक और विद्यार्थियों के अनुपात में भारी अंतर है. संवाद के दौरान कई गांवों में सड़क, बिजली, स्वच्छ पानी, और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव सामने आया. स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी होने चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों का बेहतर इलाज संभव हो सके.
बोले स्थानीय लोग
मनरेगा में मजदूरी देरी से मिलने मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है. इसके समाधान के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे, ताकि स्थानीय लोग यहां रहकर काम कर सकें.
-जयप्रकाश सिंह, स्थानीयस्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए छोटे उद्योगों की स्थापना और कौशल विकास प्रशिक्षण जरूरी है, ताकि युवा अपनी जमीन पर काम कर सकें और पलायन न हो.
-कंचन पाल, स्थानीयशिक्षा व्यवस्था में खामियां चिंताजनक हैं. विद्यालयों में शिक्षक और संसाधनों की कमी के कारण बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. सुधार की जरूरत है.
राजेंद्र गोस्वामी, स्थानीयस्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बिना प्रखंड का विकास संभव नहीं है. अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है, लोगों को इलाज में दिक्कतें हो रही है.
-मिहिर घोष, स्थानीयसरकारी स्कूलों में शिक्षक और छात्रों का अनुपात असंतुलित है. इससे बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है. इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है.
-मैनूल हक, स्थानीयडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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