पाकुड़. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे कार्यकाल का सोमवार को पहला बजट पेश किया. बजट में सरकार का फोकस कल्याणकारी योजनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर रहा. इस वित्त वर्ष एक लाख पैंतालीस हजार चार सौ करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया है. बजट को लेकर पाकुड़ में भी चौक-चौराहों पर चर्चा का विषय बना रहा. किसी ने बजट को सराहा तो किसी ने इसे नकारा. चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बजट की सराहना की है. चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव संजीव खत्री ने कहा कि कृषि, जल निधि, पथ निर्माण, शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग के लिए बजट में जो घोषणा की गयी है, वह स्वागतयोग्य है. वित्त मंत्री के प्रस्तुत बजट में कहा गया है कि झारखंड में पैसे की कोई कमी नहीं है. यह झारखंडवासियों के लिए शुभ संकेत हैं. वहीं भाजपा नेता हिसाबी राय ने बजट को सभी प्रकार से दिशाहीन बताया है. कहा कि सरकार को केंद्र की देनदारी का रोना रोने के बजाय अपने संसाधनों की बारे में चिंता करनी चाहिए. बजट में सरकार की ओर से विभिन्न विभागों में राशियों का आवंटन सही नहीं है. यह बजट सब तरह से निराशाजनक है. इससे गांव, गरीब, मजदूर, किसान किसी का भी भला नहीं होने वाला है.
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