पाकुड़िया. सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ भरत भूषण भगत ने शनिवार को कीटनाशक छिड़काव को लेकर सहियाओं को प्रशिक्षण दिया. बताया गया कि प्रखंड के कुल 18 कालाजार प्रभावित गांवों में आइआरएस स्प्रे के तहत सिंथेटिक पिरोथ्रोड 5 प्रतिशत कीटनाशक का छिड़काव 18 मार्च से शुरू किया जायेगा. उन्होंने बताया कि कालाजार संक्रमित मादा बालू मक्खी के काटने से फैलता है. इसमें दो सप्ताह से अधिक बुखार रहना, मरीज को मलेरिया रोधी दवा खाने पर भी ठीक नहीं होना, भूख नहीं लगना, वजन घट जाना, खून की कमी हो जाना, पिलहा का आकार बढ़ जाना एवं चमड़े का रंग काला हो जाना कालाजार का मुख्य लक्षण है. ऐसे मरीजों का सरकारी अस्पतालों में जांच एवं इलाज मुफ्त में किया जाता है. साथ ही रोगी को 6600 श्रम क्षतिपूर्ति राशि तथा चमड़े वाले रोगी को 4000 रुपये श्रम क्षतिपूर्ति दी जाती है. साल में दो बार कीटनाशक का छिडकाव अपने घरों के सभी कमरों में कराना चाहिए ताकि कालाजार जैसे गंभीर रोग से बचा जा सके. मौके पर केटीएस संजय मुर्मू, बीपीएम प्रभात दास, बीटीटी रायमुनि मुर्मू सहित सभी कालाजार प्रभावित गांव की सहिया उपस्थित थीं.
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