पाकुड़. जेल में सजा काट रहे कैदियों को नई राह पर लाने का प्रयास किया जा रहा है. ऐसा इसलिए कि जब वे जेल से छुटें तो जीवन की मुख्यधारा से जुड़ सकें. इसके लिए मंडलकारा में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विद्यालय की ओर से मानसिक स्वास्थ्य एवं मेडिटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. यह पाकुड़ मंडलकारा में पहली बार किया जा रहा है. रविवार को इस कार्यक्रम शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विद्यालय के ब्रह्म कुमारी अनिता व कारापाल दीपक कुमार ने संयुक्त रूप से किया. कारापाल श्री कुमार ने बताया कि सामान्य तौर पर जेल में बंद बंदियों के प्रति समाज में नकारात्मक भावना रहती है. इसमें परिवर्तन की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सामान्यत: हर इंसान अच्छे होते हैं. इसलिए कोई भी व्यक्ति जो जेल में बंदी के रूप में रह रहे हैं, उन्हें सुधार का अवसर प्रदान करना चाहिए. जेल परिसर में प्रजापति ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विद्यालय की ओर से मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता एवं मेडिटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है. अब जेल में सजा काट रहे कैदी इस कार्यक्रम में प्रत्येक रविवार को जुड़ेंगे. इस कार्यक्रम से जेल में सजा काट रहे 240 कैदियों को लाभ मिलेगा. बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैदियों काे नई राह पर लाने को लेकर उनका ध्यान आकर्षक कर उन्हें अनुशासित किया जायेगा. बताया कि ध्यान को दैनिक जीवन में अपनाने से तनाव कम होगा और मानसिक शांति प्राप्त होगी. यह आयोजन न केवल कैदियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक प्रयास है, बल्कि उनके आत्मिक और आध्यात्मिक विकास को भी प्रोत्साहित करेगा.
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