मजदूरी करने लद्दाख गये मोंगलाबांध के युवक की मौत, परिजन शोकाकुल

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 07 Jul 2024 6:23 PM

विज्ञापन

मोगलाबांध गांव से लेह-लद्दाख मजदूरी करने गए युवक की तीन जुलाई को तबीयत खराब होने से मौत हो गयी थी. मजदूर का शव मोंगलाबांध पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी.

विज्ञापन

पाकुड़िया. थाना क्षेत्र के मोगलाबांध गांव से लेह-लद्दाख मजदूरी करने गए आकाश कुमार स्वर्णकार (23) की तीन जुलाई को तबीयत खराब होने से मौत हो जाने का मामला प्रकाश में आया है. पाकुड़िया पुलिस प्रशासन के प्रयास से पाकुड़िया ग्राम निवासी मेट सिदीकुल अंसारी द्वारा मजदूर के शव को शनिवार को लद्दाख से मोंगलाबांध गांव लाया गया. मजदूर का शव रविवार की सुबह मोंगलाबांध पहुंचते ही देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. पुलिस की मौजूदगी में परिजनों ने शव का पैक बॉक्स को खोला. बॉक्स खोलने पर मृत मजदूर के चेहरे पर चोट का निशान पाकर परिजनों में संदेह उत्पन्न हो गया. चोट का निशान देखकर मजदूर की मां हेमंती देवी सहित स्वजनों ने आशंका व्यक्त करते हुए बताया कि आकाश की मौत तबीयत बिगड़ने से नहीं, बल्कि मारपीट से हुई है. चोट का निशान देखकर परिजन शव को लेकर पाकुड़िया थाना पहुंचे और पोस्टमार्टम करने की मांग करने लगे. काम कराने के लिए लद्दाख ले जाने वाले मौके पर मौजूद मेट सिदीकुल अंसारी ने बताया कि मारपीट की कोई घटना नहीं घटी है. तीन जुलाई को मजदूर आकाश स्वर्णकार के पेट में अचानक दर्द उठा और इलाज के लिए वहां के स्थानीय खलस्ती अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. मौत के बाद 4 जुलाई को स्थानीय खलस्ती थाना की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया. पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिलने पर हवाई मार्ग द्वारा शव को पाकुड़िया लाया गया है. मेट का मंतव्य सुनने के बाद परिजनों ने मुआवजा की मांग की और पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई. वार्ता के बीच मेट सिद्दीकुल ने निजी तौर पर दाह संस्कार के लिए 50 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया और तत्काल 20 हजार रुपये नगद दिया. साथ ही सड़क निर्माण कंपनी की ओर से दस लाख रुपए मुआवजा दिलाने का भरोसा कंपनी की ओर से दिलाया. वार्ता में सहमति बनने के बाद परिजन शव को पाकुड़िया थाना से मोंगलाबांध ले गए और दाह संस्कार कर दिया गया. थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम लेह लद्दाख के खलस्ती थाना से कराकर मेट द्वारा पाकुड़िया लाया गया और परिजन को सौंप दिया गया है. पाकुड़िया थाना में शव को लाया गया था. मेट और सड़क निर्माण कंपनी की ओर से दस लाख रुपए मुआवजा मिलने का आश्वासन मिलने पर दोनों पक्षों के बीच वार्ता के बाद परिजनों ने शव का दाह संस्कार कर दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola