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चिह्नित छात्रों का नामांकन होगा रद्द, प्राथमिकी दर्ज कराने की भी तैयारी

Updated at : 09 Jan 2025 5:54 PM (IST)
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चिह्नित छात्रों का नामांकन होगा रद्द, प्राथमिकी दर्ज कराने की भी तैयारी

चिह्नित छात्रों का नामांकन होगा रद्द, प्राथमिकी दर्ज कराने की भी तैयारी

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जवाहर नवोदय विद्यालय बागशीशा में फर्जी दस्तावेज पर 10 बच्चों के नामांकन कराने का मामला फोटो संख्या- 03, 04, 05

कैप्शन- बैठक करती डीईओ अनिता पूर्ति, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, प्रकाशित खबर

रमेश भगत, पाकुड़

जवाहर नवोदय विद्यालय बागशीशा में फर्जी दस्तावेज के सहारे कक्षा छह में 10 बच्चों के नामांकन कराये जाने के मामले को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय सक्रिय हो गया है. जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी अनिता पूर्ति ने गुरुवार को अपने कार्यालय में बैठक की. बैठक में सभी 10 बच्चों के कागजात फर्जी पाये जाने की पुष्टि होने बाद अग्रत्तर कार्रवाई को लेकर चर्चा की गयी. बैठक के बाद बताया गया कि जेएनवी बागशीशा को रिपोर्ट की प्रति के साथ अग्रतर कार्रवाई को लेकर पत्र भेजा जायेगा, ताकि बच्चों का नामांकन रद्द करने सहित अन्य कदम उठाया जा सके. बैठक में इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की बात कही गयी. हालांकि एफआईआर किसके स्तर से दर्ज करायी जायेगी, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पायी है. मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी अनित पूर्ति से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया.

पहले भी आ चुका है इस तरह का मामला

कोडरमा में 40 बच्चों ने फर्जी दस्तावेज पर लिया था नामांकन

साल 2021 में कोडरमा जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय पूतो में 40 बच्चों ने फर्जी दस्तावेज सौंप कर कक्षा छह में नामांकन लिया था. रिपोर्ट आने के बाद सभी 40 बच्चों का नामांकन रद्द कर दिया गया था.

लातेहार में 21 बच्चों ने लिया था फर्जी दस्तावेज पर नामांकन

साल 2021 में जेएनवी लातेहार में 21 बच्चों द्वारा कक्षा 6 में फर्जी दस्तावेज देकर नामांकन लेने का मामला सामने आया था. तत्कालीन चतरा सांसद ने लातेहार डीसी को पत्र लिखकर जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी. ई-विद्यावाहिनी की साइट से विद्यालय में फर्जी तरीके से नामांकन कराने का मामला सामने आया था.

साहिबगंज में भी मामला आया था सामने

जेएनवी साहिबगंज में साल 2022 में करीब आधा दर्जन बच्चों ने फर्जी दस्तावेज देकर नामांकन कराने का प्रयास किया था. डीईओ के स्तर पर छात्रों की गड़बड़ी पकड़ी गयी थी. इस मामले में एक कोचिंग संचालक की भूमिका सामने आयी थी. जिसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा ई- विद्यावाहिनी में जांच कर बच्चों के कागजात पर साइन किया जाने लगा, जिससे फर्जी दस्तावेजों की पकड़ आसान हो गयी.

क्या कहते हैं शिक्षा सचिव

इस मामले में संबंधित शिक्षा पदाधिकारी से जानकारी लेंगे. डीसी, डीईओ व डीएसई से भी जानकारी लेंगे. जानकारी लेने के बाद फिर जो भी कदम उठाये जाने चाहिए, उसको लेकर सभी जिला को निर्देशित किया जायेगा.

उमाशंकर सिंह, सचिव, शिक्षा विभाग

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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