जाली नोट का धंधा : पाकुड़ व साहिबगंज में घूम रही एनआइए की टीम
Updated at : 12 Feb 2017 6:55 AM (IST)
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बंगलादेश से आये जाली नोट के खेप का लिंक खंगाला जा रहा नयी करेंसी 2000 के जाली नोट भेजा जा रहा बड़े शहरों में पश्चिम बंगाल की पुलिस ने की है सीमा पर छापेमारी पाकुड़ : खबर नई तो नहीं लेकिन खास है. एक बार फिर एनआइए ने साहिबगंज के इलाके की आेर रुख किया […]
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बंगलादेश से आये जाली नोट के खेप का लिंक खंगाला जा रहा
नयी करेंसी 2000 के जाली नोट भेजा जा रहा बड़े शहरों में
पश्चिम बंगाल की पुलिस ने की है सीमा पर छापेमारी
पाकुड़ : खबर नई तो नहीं लेकिन खास है. एक बार फिर एनआइए ने साहिबगंज के इलाके की आेर रुख किया है. दो दिन पहले फरक्का में पकड़ाये 80 हजार के जाली नोट को लेकर एनआइए की टीम फिर सक्रिय हो गयी है. खबर तो यह भी है कि बरहरवा के उधवा, राधानगर, फरक्का के बेवा व पाकुड़ में जाली नोट का खेप बंगलादेश से पहुंचा है. पश्चिम बंगाल व एनआइए की टीम इन इलाकों में जाली नोट के कारोबार से जुड़े लिंक को खंगालने में जुटी हुई है. हालांकि यह नई बात नहीं है
वर्षों से इन इलाकों में जाली नोट के कारोबारियों की पौ बारह है. कुछ पकड़े भी गये हैं. लेकिन अब तक सरगना तक ना तो पुलिस पहुंच सकी ना ही एनआइए. चुनौती भरा काम है. नोटबंदी के बाद नयी करेंसी 2000 रुपये की बाजार में दौड़ रही है. इसका जाली नोट भी बाजार में पहुंचा है. नोट नया होने के कारण लोग कन्फ्यूजन में रहते हैं. काफी तहकीकात के बाद असली व नकली में फर्क समझ में आता है.
संदिग्ध कीर्तनियां अब भी फरार : राधानगर इलाके का एक पूर्व मुखिया गणेश कीर्तनियां फरार है. यह आज तक पुलिस के हाथ नहीं आया. बंगलादेशियों को झारखंड में बसाने का बड़ा आरोपित है यह. जाली नोट के कारोबार में यह महत्वपूर्ण सहयोगी माना जाता है.
बंगलादेश से आता है जाली नोट
बंगलादेश में जाली नोट छापने वाला गिरोह बड़ा है. पाकिस्तान में भी जाली नोट छापने वाले गिरोह बंगलादेश के गिरोह का ही सहारा लेते हैं. बंगलादेश पश्चिम बंगाल के इलाके से बिल्कुल सटा हुआ है. सुरक्षा में कमी का फायदा उठा कर धंधेबाज आसानी से पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर जाते हैं और यहां से आसानी से बड़े शहरों में जाली नोट भेजते हैं. पहले भी जांच में यह खुलासा हो चुका है.
लेडी गैंग एक बार फिर सक्रिय
राधानगर इलाके की लेडी गैंग की मुस्कान एक बार फिर इलाके में लौट आयी है. इस गैंग में दर्जनों की संख्या में युवक व महिलाएं काम करतीं हैं. इनके जरिये आसानी से जाली नोट इधर-उधर भेजा जाता है. आज तक पुलिस इस गैंग तक नहीं पहुंच सकी है. जबकि यह जाली नोट के साथ-साथ चोरी के सामानों का भी धंधा बेखौफ करती हैं.
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