बंगाल चुनाव 2026 से पहले मुर्शिदाबाद में राम नवमी पर संग्राम, रघुनाथगंज-जंगीपुर में कर्फ्यू जैसे हालात

Updated at : 28 Mar 2026 5:55 PM (IST)
विज्ञापन
Murshidabad Violence Ram Navami 2026 Raghunathganj Jangipur Section 144

राम नवमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा के बाद के हालात.

Murshidabad Violence Ram Navami 2026: बंगाल चुनाव 2026 से पहले मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में राम नवमी शोभायात्रा के दौरान झड़प हुई. टीएमसी ने चुनाव आयोग के प्रशासनिक फेरबदल और भाजपा के ‘बुलडोजर मॉडल’ पर सवाल उठाये.

विज्ञापन

Murshidabad Violence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के शोर के बीच मुर्शिदाबाद का रघुनाथगंज और जंगीपुर इलाका तनाव की आग में झुलस उठा है. राम नवमी शोभायात्रा के दौरान भड़की हिंसा के बाद शनिवार को पूरे इलाके में निषेधाज्ञा (Section 144) लागू रही. भारी पुलिस बल और केंद्रीय बलों (CAPF) की तैनाती के बावजूद सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा. इस बीच, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस हिंसा को चुनाव आयोग द्वारा किये गये प्रशासनिक फेरबदल और भाजपा की ‘नफरत वाली राजनीति’ का परिणाम बताया है.

रामनवमी पर ‘संगीत’ बना विवाद की जड़, तोड़फोड़

हिंसा की शुरुआत रघुनाथगंज के मैकेंजी पार्क के पास हुई. पुलिस के अनुसार, शोभायात्रा के दौरान एक धर्मस्थल के पास तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर दो पक्षों में कहा-सुनी हुई. देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया.

रघुनाथगंज और जंगीपुर में हुई झड़पें

दोनों शहरों के अलग-अलग इलाकों में झड़पें हुईं. दुकानों में तोड़फोड़ की गयी और तनाव फैल गया. पुलिस ने अब तक 30 दंगाइयों को गिरफ्तार किया है. रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय बलों ने शनिवार को ‘रूट मार्च’ निकालकर लोगों से शांति की अपील की.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Murshidabad Violence: ग्राउंड पर कैसे हैं हालात?

  • अस्पताल पर नजर : जंगीपुर उपमंडल अस्पताल रघुनाथगंज में है. इसलिए पुलिस एम्बुलेंस और मरीजों की आवाजाही सुनिश्चित करने में जुटी है.
  • सुरक्षा घेरा : नदी के दोनों किनारों पर बसे इन शहरों में चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बल तैनात हैं.
  • गिरफ्तारियां और जांच : पुलिस गिरफ्तार किये गये लोगों की पहचान गुप्त रखकर आगे की साजिश का पता लगा रही है.

टीएमसी का आरोप- अफसरों को हटाये जाने के बाद शुरू हुई हिंसा

पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस हिंसा को गहरी साजिश करार दिया है. पार्टी का कहना है कि चुनाव की घोषणा होते ही चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर समेत लगभग सभी बड़े अधिकारियों को बदल दिया. इसलिए यह हिंसा हो रही है.

प्रशासनिक फेरबदल की आड़ में बंगाल की पहचान (Adda, Culture, Brotherhood) को खत्म करने की कोशिश हो रही है. हमें ‘बुलडोजर मॉडल’ या नफरत की इम्पोर्टेड राजनीति नहीं चाहिए.

अभिषेक बनर्जी, राष्ट्रीय महासचिव, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस

रवींद्रनाथ और विवेकानंद के बंगाल में ‘डर’ का माहौल?

टीएमसी ने सवाल उठाया कि सदियों से दुर्गा पूजा, ईद, दिवाली और क्रिसमस साथ मनाने वाले बंगाल में अचानक विभाजन क्यों दिख रहा है? क्या यह ‘परिवर्तन’ के नाम पर बंगाल के सामाजिक ताने-बाने (Social Fabric) को तोड़ने की कोशिश है? रघुनाथगंज और जंगीपुर के बाजारों में दुकानें बंद हैं, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.

इसे भी पढ़ें

घुसपैठिये तय नहीं करेंगे बंगाल का भविष्य, ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अमित शाह की 40 पेज की चार्जशीट

बंगाल चुनाव 2026 से पहले नाका चेकिंग में मिले डॉलर और दीनार, पुलिस महकमे में हड़कंप

गाना बजाने को लेकर विवाद, बंगाल में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान पत्थरबाजी

बंगाल में ‘सुपर एक्टिव’ इलेक्शन कमीशन, 19 IPS का ट्रांसफर, 478 ऑब्जर्वर भेजे

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola