चापाकल से स्वत: निकल रहा पानी
Updated at : 04 May 2016 6:30 AM (IST)
विज्ञापन

विडंबना. 20 वर्षों से नहीं हो रही पानी की बरबादी रोकने की कोई व्यवस्था बरहरवा : सरकार जल संरक्षण के लिये प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है. फिर भी पेयजल के लिये लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. कहीं-कहीं तो घंटों इंतजार करने के बाद मुश्किल से पीने योग्य पानी नसीब हो पाता […]
विज्ञापन
विडंबना. 20 वर्षों से नहीं हो रही पानी की बरबादी रोकने की कोई व्यवस्था
बरहरवा : सरकार जल संरक्षण के लिये प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है. फिर भी पेयजल के लिये लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. कहीं-कहीं तो घंटों इंतजार करने के बाद मुश्किल से पीने योग्य पानी नसीब हो पाता है. वहीं उधवा प्रखंड क्षेत्र के आतापुर पंचायत अंतर्गत नवपाड़ा गांव में प्रत्येक दिन हजारों लीटर पानी बरबाद हो रहा है.
यहां सबसे बड़ी आश्चर्य की बात यह है कि चापाकल से पिछले 20 वर्ष से पानी अपने-आप गिर रहा है. चापाकल चलाने की जरूरत नहीं होती. गांव में तीन चापाकल है और तीनों में स्वत: पानी गिरते रहता है. जिसमें से एक गंभीरतला मंदिर के समीप व दूसरा बंगालीपाड़ा का चापाकल है. वहीं तीसरा तारक सिंह के घर का चापाकल है. उक्त तीनों चापाकलों से अब तक लाखों लीटर पानी बरबाद हो चुका है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




