मूलभूत समस्याओं से महरूम ग्रामीण

Updated at : 24 Sep 2015 8:15 AM (IST)
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मूलभूत समस्याओं से महरूम ग्रामीण

महेशपुर : प्रखंड मुख्यालय से महज साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित धर्मखांपाड़ा पंचायत का अब तक समुचित विकास नहीं हो पाया है. आज भी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पायी हैं. आज भी गांव के लोग बिजली, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, जल निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं. वहीं ग्रामीणों को वृद्धावस्था […]

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महेशपुर : प्रखंड मुख्यालय से महज साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित धर्मखांपाड़ा पंचायत का अब तक समुचित विकास नहीं हो पाया है. आज भी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पायी हैं.
आज भी गांव के लोग बिजली, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, जल निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं. वहीं ग्रामीणों को वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल पा रहा है. कई ग्रामीणों के नाम बीपीएल सूची में नहीं जुड़ पाया है. गांव में जल टंकी का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को समस्याओं से निजात नहीं मिली है.
क्या कहती हैं मुखिया
सही समय पर अधिकारों एवं पर्याप्त राशि नहीं मिल पाने के कारण पंचायत का आपेक्षित विकास नहीं हो पाया है. मुखिया निधि में प्राप्त राशि से पंचायत के सात गांवों में 30 पीसीसी सड़क, तीन चबूतरा, एक जीर्णोद्धार, 45 चापानल मरम्मत कार्य, पंचायत क्षेत्र में कुल 100 व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्य, जिसमें 75 पूर्ण कराया गया है. गांव में अलग-अलग कई समस्याएं है जिसका समाधान जनहित में आवश्यक है. समय पर पूर्ण अधिकार व पर्याप्त राशि मिली होती तो पांच वर्षों में धर्मखांपाड़ा पंचायत की तसवीर बदली हुई होती. -बाहामुनी हेंब्रम, मुखिया
क्या कहते हैं ग्रामीण
पंचायत में अधिकतर लोग कृषि कार्य पर आश्रित हैं. सिंचाई की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी होती है. पंचायत में बिजली की अनियमित आपूर्ति होती है. जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ता है.
नजरूल इस्लाम, ग्रामीण
गरमी के दिनों में पेयजल की किल्लत से पंचायतवासियों को जूझना पड़ता है. कई बार मांग उठाने के बाद भी पंचायत मुख्यालय में जल टंकी निर्माण नहीं कराया गया. जिस कारण पंचायत वासियों को पेयजल की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है.
पुटुस शेख, ग्रामीण
धर्मखांपाड़ा पंचायत मुसलिम बहुल पंचायत है. सरकार की योजना एमएसडीपी का लाभ पिछले दो वर्षों से नहीं मिल पाया है.
मो आमीन शेख, ग्रामीण
महिला मुखिया होने के बाद भी आज तक वृद्धावस्था पेंशन, जन वितरण प्रणाली योजना का लाभ गरीबों को नहीं मिल पाया है.
आमेसून बेवा, ग्रामीण
वृद्धावस्था पेंशन सूची में नाम चढ़ाने के छह माह बाद भी योजना का लाभ नहीं मिला है. पंचायत का विकास नहीं हुआ है.
नमिता ठाकुर, ग्रामीण
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