रामनगर-कच्ची दरगाह फोरलेन का रुका निर्माण, जानिए क्यों किया गया विरोध
Published by : Preeti Dayal Updated At : 02 Apr 2026 8:42 AM
(सांकेतिक तस्वीर)
Bihar Road Project: रामनगर-कच्ची दरगाह फोरलेन का निर्माण कार्य रोक दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, जमीन अधिग्रहण में बाधा आ गई है. लोगों ने मुआवजे को लेकर विरोध कर दिया है. ऐसे में फतुहा अंचल में काम रुक गया है.
Bihar Road Project: बिहार में कई सारे रोड प्रोजेक्ट्स पर काम किए जा रहे हैं. ऐसे में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत आमस-दरभंगा फोरलेन निर्माण में पटना जिले में रामनगर से कच्ची दरगाह के बीच फोरलेन बनाया जा रहा था. लेकिन फिलहाल यह काम रुक गया है. जमीन अधिग्रहण को लेकर बाधा आ जाने से निर्माण बाधित हो गया है. तीन साल से अधिक समय से जमीन अधिग्रहण के मामले का निपटारा नहीं होने से सड़क निर्माण का काम ठप है.
क्या दावा कर रहे हैं जमीन मालिक?
जानकारों के अनुसार फोरलेन एलायनमेंट में पड़ने वाले जमीन में एक तरफ जमीन मालिकों का दावा है. दूसरी तरफ सरकारी जमीन होने की बात कही जा रही है. साथ ही मुआवजा राशि को लेकर जमीन मालिकों की ओर से विरोध किया जा रहा है. उनकी की ओर से वर्तमान मार्केट वैल्यू रेट के आधार पर मुआवजा देने की मांग हो रही है.
जमीन मालिकों को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं होने से फतुहा अंचल के चार मौजा (रबियाचक, भेड़गामा, जैतिया और वाजिदपुर) की जिला प्रशासन की तरफ से 48.59 एकड़ चिह्नित जमीन की मुआवजा राशि 25.342 करोड़ राशि विशेष भू-अर्जन न्यायाधीश व्यवहार न्यायालय पटना में जमा है.
कितने एकड़ जमीन पर फंसा है मामला?
सूत्र की माने तो, फतुहा अंचल में जिला प्रशासन की ओर से जमीन का सीमांकन होने के बावजूद जमीन अधिग्रहण में बाधा हो रही है. जानकारों के अनुसार फतुहा अंचल में लगभग 25 एकड़ जमीन पर जमीन मालिकों की ओर से दावा किया जा रहा है. जबकि इस जमीन के बकाश्त या गैर मालिक होने की बात कही जा रही है.
संबंधित जमीन को लेकर दावेदार जमीन मालिकों को नोटिस किया गया है. उनकी ओर से दिए गए कागजात के आधार पर उसकी जांच की जा रही है. इस जमीन के रैयती या सरकारी होने से संबंधित रिपोर्ट पटना सिटी डीसीएलआर को देना है. इसके बाद ही अंतिम रूप से निर्णय लिया जाएगा. रैयती जमीन होने पर जमीन मालिकों को मुआवजा भुगतान होगा. सरकारी जमीन होने पर केवल स्थानांतरित किया जाएगा.
रोड बनाने के लिए कितनी जमीन की जरुरत?
भारतमाला परियोजना के तहत रामनगर-कच्ची दरगाह एनएच-119 डी फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 205 एकड़ जमीन की जरूरत है. धनरूआ अंचल में 134.83 एकड़ और फतुहा अंचल में 70.42 एकड़ जमीन अधिग्रहण हुआ है. इसके लिए जमीन मालिकों को 120.22 करोड़ राशि मुआवजा वितरण होना है. धनरूआ अंचल में आठ मौजा बघबर, बहरामपुर, पिपरावां, बिजपुरा, नसरतपुर, छाती, टरवां और पभेड़ा में जमीन अधिग्रहण हुआ है.
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By Preeti Dayal
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