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पाकुड़ : पहले विद्यादान, फिर कन्यादान होगा झारखंड का नारा : रघुवर दास

Updated at : 15 Feb 2019 9:00 AM (IST)
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पाकुड़ : पहले विद्यादान, फिर कन्यादान होगा झारखंड का नारा : रघुवर दास

सीएम ने लिट्टीपाड़ा से की मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत संताल परगना के सरकारी कार्यालयों में लिखा जायेगा संताली भाषा में नाम कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को ओलचिकी में दी जायेगी शिक्षा पाकुड़/रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को लिट्टीपाड़ा से संताल परगना में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ किया. विजय […]

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  • सीएम ने लिट्टीपाड़ा से की मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत
  • संताल परगना के सरकारी कार्यालयों में लिखा जायेगा संताली भाषा में नाम
  • कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को ओलचिकी में दी जायेगी शिक्षा

पाकुड़/रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को लिट्टीपाड़ा से संताल परगना में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ किया. विजय मांझी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं व स्कूली बच्चियों को बताया कि सात चरणों में सुकन्या योजना के तहत लाभुकों को पैसा दिया जायेगा.

उन्होंने कहा कि सुकन्या योजना मात्र एक योजना नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण को केंद्र बिंदु बनाकर इसे लागू किया गया है, ताकि कन्या भ्रूण हत्या रुके, बाल विवाह पर लगाम लगे, राज्य की बच्चियां पढ़ें और सही समय, सही उम्र में उनका विवाह हो सके. मेरा मानना है कि पहले विद्यादान, फिर कन्यादान यह महापुण्य है. झारखंड का यह नारा हो.

धर्म परिवर्तन करानेवालों को भेजेंगे होटवार जेल

श्री दास ने कहा कि भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों को बहला-फुसला कर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. हमने इसके खिलाफ कानून बनाया है. इलाके में कोई भी धर्म परिवर्तन की बात कहे तो इसकी जानकारी पुलिस को दें. उसे चार साल के लिए होटवार जेल भेज दिया जायेगा. मंच पर मुख्यमंत्री के साथ समाज कल्याण मंत्री डॉ लुइस मरांडी भी मौजूद थीं.

ओलचिकी में लिखे जायेंगे सरकारी कार्यालयों के नाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि संताली भाषा के विकास के लिए सरकार काम कर रही है. संताल परगना के सभी सरकारी कार्यालयों के नाम ओलचिकी लिपि में लिखे जायेंगे.

स्कूलों में बच्चों को कक्षा 1 से लेकर 5 तक की पढ़ाई संथाली भाषा ओलचिकी लिपि में भी दी जायेगी. जिस भी स्कूल के बच्चे संताली भाषा में पढ़ना चाहते हैं, उन्हें संताली भाषा में ही शिक्षा दी जायेगी. इसके लिए उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिया कि स्कूलों में संताली भाषा के शिक्षकों की घंटी आधारित नियुक्ति करें. प्रति घंटी शिक्षक को 125 रुपये दिये जायेंगे.

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