समाहरणालय में कार्यपालक दंडाधिकारी के छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल दो पदस्थापित हैं गोपी कुंवर लोहरदगा लोहरदगा जिले में अधिकारियों के पद रिक्त रहने से विकास कार्यों पर गंभीर असर पड़ रहा है. समाहरणालय में कार्यपालक दंडाधिकारी के छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल दो पदस्थापित हैं. उपनिवाचन पदाधिकारी, जिला अवर निबंधन पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, सामाजिक सुरक्षा सहायक निदेशक, कोषागार पदाधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला लेखा पदाधिकारी, एमबीआई, डीआरडीए निदेशक और कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद – ये सभी पद लंबे समय से खाली हैं. अधिकांश पदों का कार्यभार अन्य अधिकारियों को दिया गया है, जिससे कामकाज बाधित हो रहा है और विकास की गति धीमी पड़ गयी है. एमबीआई का पद खाली रहने से वाहन मालिकों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. लोहरदगा-गुमला ट्रक ओनर एसोसिएशन ने स्थानीय विधायक रामेश्वर उरांव से मिलकर अपनी समस्याएं बतायी थीं. विधायक ने आश्वासन दिया था कि वे इस मामले में तत्काल प्रयास करेंगे, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. मुख्यमंत्री से इस बारे में बात करेंगे : सांसद सांसद सुखदेव भगत ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि इतने पदों का खाली रहना जिले के विकास के लिए हानिकारक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के लौटने पर वे उनसे मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और अधिकारियों की पदस्थापना सुनिश्चित करेंगे. उनका कहना है कि विकास के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता. लोहरदगा ज़िले में प्रशासनिक ढांचे की कमजोरी सीधे जनता की समस्याओं को बढ़ा रही है. पद रिक्त रहने से योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है और आम नागरिकों को आवश्यक सेवाओं से वंचित होना पड़ रहा है. अब उम्मीद की जा रही है कि सांसद की पहल से मुख्यमंत्री इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे और जिले में विकास की गाड़ी फिर से पटरी पर आयेगी.
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