बिनोद महतो, लोहरदगा
लोहरदगा रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का परिचालन बंद होने के बाद यात्रियों की कठिनाइयां लगातार बढ़ रही हैं. पहले यहां से दिल्ली, अजमेर जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ रांची–लोहरदगा मेमू ट्रेन भी चलती थी, जिसे लोग जीवनरेखा मानते थे. लेकिन पुल में दरार आने के कारण परिचालन रोक दिया गया है और अब लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों ने प्रभात खबर संवाद कार्यक्रम में अपनी समस्याएं साझा कीं. आकाश देवघरिया ने कहा कि पहले लोहरदगा से दिल्ली तक ट्रेन मिल जाती थी, लेकिन अब रांची पहुंचना भी मुश्किल हो गया है. विरंजित मिंज ने बताया कि मजदूरी करने वाले लोग और विद्यार्थी ट्रेन से ही रांची जाते थे, लेकिन परिचालन बंद होने से उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है. रिंकू साहू ने कहा कि रांची–लोहरदगा मेमू ट्रेन यहां की लाइफलाइन थी और इसके ठप होने से व्यवसाय पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है.
राजकिशोर साहू ने बताया कि पुल में आई दरार के कारण परिचालन बंद करना पड़ा, जिससे यात्री परेशान हैं. उन्होंने मांग की कि रेलवे प्रशासन जल्द से जल्द खराबी को दुरुस्त करे. मनोरंजन साहू ने कहा कि ट्रेन से रांची का किराया मात्र ₹20 था, जबकि बस से यही दूरी तय करने पर ₹100 खर्च होता है और समय भी अधिक लगता है. इससे यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है.
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यात्रियों का कहना है कि रेलवे इस क्षेत्र की लाइफलाइन है और इसके ठप होने से मजदूर, विद्यार्थी और व्यापारी सभी प्रभावित हैं. बसों पर निर्भरता से खर्च और समय दोनों बढ़ गये हैं. लोगों की मांग है कि रेलवे प्रशासन इस पुल की मरम्मत को प्राथमिकता दे और जल्द से जल्द ट्रेन परिचालन बहाल करें.
लोहरदगा और आसपास के जिलों के लिए यह रेलखंड अत्यंत महत्वपूर्ण है. परिचालन बहाल होने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि स्थानीय व्यापार और शिक्षा व्यवस्था भी सामान्य हो सकेगी.
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