सेन्हा. सेन्हा प्रखंड क्षेत्र के अलौदी पंचायत अंतर्गत रानीगंज साप्ताहिक बाजार टांड़ में पत्थलगड़ी कार्यक्रम आयोजित हुआ. कार्यक्रम आरंभ होने के पूर्व विधिवत आदिवासी समाज के महिला पुरुषों ने सामूहिक प्रार्थना कर कार्यक्रम शुरू किया. साथ ही अतिथियों को प्राकृतिक फूल पत्ती का बना माला पहना कर स्वागत किया. पत्थर गड़ी को जिला बेल विजय भगत,संयोजक बिनोद भगत,दीवान संजीव भगत,उप बेल शिवशंकर टाना भगत व अन्य अतिथियों ने शिला पट्ट का अनावरण किया. गौरतलब हो कि झारखंड में विशेषकर मुंडा और उरांव जनजातियों में पड़हा व्यवस्था पूर्व में कायम था. जो वर्तमान समय में लुप्त होते जा रहा है, जिसे पत्थर गड़ी कर आदिवासी समाज द्वारा पारंपरिक स्वशासन प्रणाली का दर्जा दे कर ग्राम स्तर पर न्याय करते हुए प्रशासन और सामाजिक नियंत्रण के लिए कार्य किया जाता था. यह व्यवस्था जनजातियों को अपनी आंतरिक मामलों को अपने स्तर पर ही सुलझाने की शक्ति प्रदान करती थी और न्यायिक कार्य पड़हा व्यवस्था विवादों के निबटारे में अपराधों की सजा और सामाजिक नियमों के पालन के लिए बनाया जाता था. जिससे समाज को बुराइयों से दूर रखने में सार्थक साबित होता था तथा पंच पड़हा की विशेष जिम्मेदारी होती थी. उक्त बातें अलौदी पंचायत के उप मुखिया गोपाल उरांव ने कही. कहा कि लोहरदगा जिला अंतर्गत जितने पड़हा है. कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी शामिल हो प्रेम व भाईचारगी का मिसाल पेश किया.
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