सेन्हा. प्रखंड क्षेत्र अन्तर्गत अरु पंचायत स्थित नन्दलाल उच्च विद्यालय प्लस के प्रांगण में आदिवासी रीति रिवाज से धूमधाम के साथ सरहुल पूर्व संध्या मनाया गया. सरहुल पूर्व संध्या कार्यक्रम आयोजित करने से पूर्व स्थानीय अरु के पहान पुजार और कार्यक्रम के संरक्षक जिप सदस्य राधा तिर्की के द्वारा आदिवासी रीति रिवाज से पूजन कर व दीप प्रज्वल्लन कर कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया. आयोजित सरहुल पूर्व संध्या कार्यक्रम में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लगभग 30 खोड़हा दल आदिवासी भेष भूषा में शामिल हो पारंपरिक ढोल, नगाड़ा और मांदर सहित अन्य वाद्य यंत्र के साथ गीत संगीत के साथ नृत्य किया गया. संरक्षक जिप सदस्य राधा तिर्की ने कहा कि सरहुल, करमा,जितिया आदिवासियों का पारंपरिक पर्व है. आदिवासी समाज के लोग आदि काल से प्रकृति के उपासक हैं, जिसे सरहुल पर्व में प्रकृति का पूजन होता है.आज के आधुनिक युग मे समाज का रीति रिवाज विलुप्त होते जा रहा है, जिसे आदिवासी समुदाय के सभी लोगों को अपने पूर्वजों का सांस्कृति धरोहर को बचाने की जरूरत है और इस कार्य के लिए समाज के सभी युवाओं को आगे आना होगा.क्यों कि आज के युवा पीढ़ी सामाजिक रीति रिवाज और समाज की परंपरा को भूलते जा रहे हैं. पढ़ाई के साथ साथ युवक युवतियों को सामाजिक कार्य मे भी हिस्सा लेना चाहिए, जिससे शादी विवाह,रीति रिवाज,पूजा पाठ जैसे संस्कारों की जानकारी होगी. कार्यक्रम के पश्चात सभी खोड़हा दल को दो दो दरी देकर सम्मानित किया गया. मौके पर अनिल उरांव, गोपाल उरांव,रामप्रकाश तिग्गा, रामावतार उरांव,अनिल भगत,महेश लोहरा,दुखिया उरांव,शुकरा उरांव, परजित उरांव, लालदेव उरांव सहित बड़ी संख्या में आदिवासी महिला पुरुष व बच्चे बच्चियां मौजूद थे.
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