कुड़ू लोहरदगा
मौसम की इस मार से आमजन प्रभावित हैं. लोग ठंड से बचने के लिए घरों में दुबकने को विवश हो गये हैं. घने कोहरे के कारण नेशनल हाईवे 39, कुड़ू-चंदवा मुख्य पथ और 143ए कुड़ू-लोहरदगा मार्ग पर वाहनों की रफ्तार थम गयी. दिन में ही वाहन चालक हेडलाइट जलाकर धीरे-धीरे चलते नजर आये. विजिबिलिटी इतनी कम रही कि वाहन रेंगते हुए आगे बढ़े.
ठंड का सबसे अधिक असर रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों पर पड़ा है. ठेला चालक, खोमचा वाले, दिहाड़ी मजदूर और रिक्शा चालक काम की तलाश में कुड़ू पहुंचे, लेकिन ठंड के कारण काम न मिलने से निराश होकर लौट गये. कंपकंपाती ठंड ने उनकी रोजी-रोटी पर गहरा असर डाला है.
प्रखंड प्रशासन ने राहत के लिए कदम उठाये हैं. दो हजार कंबल का वितरण किया गया है. शहरी क्षेत्र में बस स्टैंड, ब्लॉक मोड़, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, इंदिरा गांधी चौक और मस्जिद चौक समेत आधा दर्जन स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गयी है. हालांकि यह व्यवस्था ठंड से बचाव के लिए नाकाफी साबित हो रही है.
सीओ संतोष उरांव ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए मुकम्मल व्यवस्था की गयी है. कंबल वितरण के साथ-साथ सुबह-शाम शहरी क्षेत्र में अलाव जलाए जा रहे हैं. पंचायत सचिवों को निर्देश दिया गया है कि खुले आसमान के नीचे सो रहे लोगों को सरकारी भवनों में शिफ्ट किया जाए. प्रशासन का दावा है कि प्रखंड में किसी को ठिठुरने नहीं दिया जायेगा.
कुड़ू प्रखंड शीतलहरी की चपेट में है. सोमवार को तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गयी. अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा. सुबह 11 बजे तक सूर्य का दर्शन नहीं हुआ और घना कोहरा छाया रहा. पछुवा हवा चलने से कनकनी और बढ़ गयी.
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