जतरा हमारी पहचान और परंपरा का प्रतीक है : समीद अंसारी

जतरा हमारी पहचान और परंपरा का प्रतीक है : समीद अंसारी
कैरो़ प्रखंड अंतर्गत हनहट पंचायत में रविवार को सात पड़हा जतरा का आयोजन हर्षोल्लास से किया गया. सात पड़हा हुदु, केराटोली, गीतिलगढ़, ककड़गढ़, रानीटोंगरी, तुरंग और चीरना गांवों के ग्रामीणों ने पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा धारण कर ढोल, मांदर, नगाड़ा और पारंपरिक गीतों की थाप पर झारखंडी संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन किया. जतरा स्थल पर खेल-खिलौने, मिठाई और स्थानीय वस्तुओं की दुकानों में भी काफी चहल-पहल रही. मुख्य अतिथि के रूप में सांसद प्रतिनिधि समीद अंसारी, थाना के एसआइ मनोज कुमार गुप्ता, स्वशासन व्यवस्था के दिवान जतरु उरांव, कैरो प्रखंड कांग्रेस मंडल अध्यक्ष अफताब आलम, हनहट पंचायत के मुखिया श्रवण मुंडा, श्यामसुंदर उरांव, बाबूलाल मुंडा, साधु उरांव, विकास भगत, महावीर उरांव, अशोक पहान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज से स्वागत किया गया और उन्होंने विभिन्न खोड़हा दलों से परिचय प्राप्त कर उन्हें प्रोत्साहित किया. कार्यक्रम में प्रत्येक दल के अगुवा को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. सांसद प्रतिनिधि समीद अंसारी ने कहा कि जतरा हमारी पहचान और परंपरा का प्रतीक है, यह समाज की एकजुटता, भाईचारा और सामाजिक बंधन को मजबूत करता है. एसआइ मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि आदिवासी संस्कृति की जड़ें गहरी हैं और जतरा सामाजिक एकता, सहयोग और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत उदाहरण है. मौके पर साधु उरांव, मंगदेव उरांव, सुरेश उरांव, लाला उरांव, मो अख्तर, जैनुल अंसारी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे.
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