किस्को़ राज्य सरकार द्वारा क्रिसमस पर्व से पूर्व ही शिक्षकों का वेतन भुगतान करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था. लेकिन जनवरी का एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद किस्को प्रखंड के शिक्षकों को अब तक दिसंबर माह का वेतन नसीब नहीं हुआ है. सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ते देख और आर्थिक तंगी झेल रहे शिक्षकों में विभागीय लापरवाही के खिलाफ गहरा असंतोष व्याप्त है. लापरवाही की भेंट चढ़ा शिक्षकों का हक : शिक्षकों का आरोप है कि जिले के अन्य सभी प्रखंडों में वेतन का भुगतान समय पर कर दिया गया है, लेकिन किस्को प्रखंड के विभागीय कर्मियों और ट्रेजरी मैसेंजर की उदासीनता के कारण उनका भुगतान लटका हुआ है. वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों के लिए न केवल क्रिसमस की खुशियां फीकी रहीं, बल्कि अब उनके सामने दैनिक जरूरतों को पूरा करने की भी समस्या खड़ी हो गयी है. शिक्षकों ने मांग की है कि इस देरी के लिए जिम्मेदार लापरवाह कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाये और जल्द से जल्द वेतन निर्गत हो. क्या कहते हैं जिम्मेदार : वेतन भुगतान में हो रही देरी के संदर्भ में ट्रेजरी मैसेंजर श्रीराम उरांव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बीते शनिवार को ही ट्रेजरी में बिल भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि डीइओ लॉगिन से बिल अप्रूव नहीं होने के कारण तकनीकी रूप से वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

