बदहाल है ईस्ट गोला रोड, देता है लाखों का राजस्व

Updated at : 16 Apr 2025 10:29 PM (IST)
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बदहाल है ईस्ट गोला रोड, देता है लाखों का राजस्व

शहर का प्रमुख व्यापारिक केंद्र ईस्ट गोला रोड इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है.

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गोपी कुंवर, लोहरदगा

शहर का प्रमुख व्यापारिक केंद्र ईस्ट गोला रोड इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है.सड़क की हालत इस कदर खराब हो चुकी है कि पूरा मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है. इन गड्ढों में पानी भरने के कारण आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद की लापरवाही के चलते यह इलाका उपेक्षा का शिकार हो गया है. ईस्ट गोला रोड पर सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है. इसी मार्ग पर स्थित बुचा तालाब, जो कभी शहर की शान हुआ करता था, आज गंदगी के अंबार में तब्दील हो चुका है. प्रतिदिन लगने वाले सब्जी बाजार की बची हुई सब्जियां तालाब किनारे फेंक दी जाती हैं, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध और संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है.

तालाब संरक्षण के दावे, ज़मीन पर नदारद

राज्य सरकार भले ही तालाबों के संरक्षण को लेकर योजनाएं बना रही हो, लेकिन लोहरदगा का प्राचीन बुचा तालाब भराव की कगार पर है. तालाब किनारे फैली गंदगी और अव्यवस्था इस बात की गवाही देती है कि जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे हुए हैं.

राजस्व देता है लाखों, सुविधाएं नदारद

ईस्ट गोला रोड को नगर परिषद द्वारा चुंगी वसूली के जरिए लाखों रुपये की आमदनी होती है. यहां स्थित आढ़त और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से प्रतिदिन सैकड़ों ग्राहक आते हैं, लेकिन सुविधाओं का घोर अभाव है. सड़कें जर्जर हैं, नालियां बजबजा रही हैं और बिजली के उलझे तार हमेशा दुर्घटना को न्योता देते हैं.

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा ठेके पर लगाये गये चुंगी वसूलने वाले कर्मचारी जबरन टैक्स वसूलते हैं, लेकिन बदले में कोई सुविधा नहीं दी जाती. इससे आम लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

स्थानीय व्यापारी मनोज गुप्ता ने कहा : ईस्ट गोला शहर का एक महत्वपूर्ण और व्यस्त व्यापारिक इलाका है। लेकिन यहां सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है. बिजली के तार खुले और उलझे हुए हैं, जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है. सब्जी बेचने वालों के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, नालियां सड़ रही हैं और सड़कों पर हर समय पानी जमा रहता है. लोग रोज़ परेशान होते हैं, लेकिन नगर परिषद चुप है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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