सूगन साहु
लोहरदगा. कोयल नदी के रेलवे ब्रिज में दरार पड़ने के कारण लोहरदगा आने-जाने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है. इसमें रांची–टोरी मेमू, रांची–चोपन, रांची–सासाराम, संतरागाछी–अजमेर शरीफ और रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं. परिचालन बंद होने से लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा छा गया है. प्लेटफार्म खाली पड़े हैं, पार्किंग में कोई वाहन नहीं है और स्टेशन के आसपास का इलाका भी वीरान हो गया है. जिन यात्रियों को जानकारी है वे स्टेशन नहीं आ रहे, जबकि कुछ अनजान यात्री अब भी वहां पहुंच रहे हैं और असुविधा का सामना कर रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल इस क्षेत्र की जीवनरेखा है. यही न केवल लोगों की आवाजाही का मुख्य साधन है बल्कि व्यापार और अर्थव्यवस्था की भी रीढ़ है. ट्रेनों का परिचालन बंद होने से लोगों को कोरोना काल जैसी स्थिति का अनुभव हो रहा है, जब स्टेशन पूरी तरह सूना पड़ा था. व्यापारियों और आम यात्रियों दोनों पर इसका सीधा असर पड़ा है. लोग रेलवे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तकनीकी खामी को जल्द से जल्द दूर किया जाए और ट्रेनों का परिचालन सामान्य किया जाये. उनका कहना है कि रेल सेवा बहाल होने से ही क्षेत्र की रौनक और आर्थिक गतिविधियाँ फिर से पटरी पर लौटेंगी.
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