लोहरदगा में करोड़ों का कृषि भवन बन रहा खंडहर, कबाड़ में तब्दील हुआ किसान प्रशिक्षण केंद्र

Updated at : 19 Apr 2022 1:54 PM (IST)
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लोहरदगा में करोड़ों का कृषि भवन बन रहा खंडहर, कबाड़ में तब्दील हुआ किसान प्रशिक्षण केंद्र

केंद्र तथा राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए विभिन्न तरह के किसान कल्याण की योजनाओं का संचालन कर रही है. दूसरी तरफ कृषि फॉर्म हाउस कुड़ू में किसानों को प्रशिक्षण देने, किसानों को मौसम पूर्वानुमान की जानकारी के लिए तापमान मापक यंत्र खंडहर में तब्दील हो चुका है

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लोहरदगा: केंद्र तथा राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए विभिन्न तरह के किसान कल्याण की योजनाओं का संचालन कर रही है. दूसरी तरफ कृषि फॉर्म हाउस कुड़ू में किसानों को प्रशिक्षण देने, किसानों को मौसम पूर्वानुमान की जानकारी के लिए तापमान मापक यंत्र, किसान पाठशाला के लिए भवन से लेकर कृषि फार्म हाउस में पौधा तैयार करने को लेकर पाली हाउस, कृषि फार्म हाउस में उत्पादित फसलों के भंडारण के लिए गोदाम तथा बीज प्रोसेसिंग यूनिट का निर्माण करोड़ों की लागत से कराया गया था.

देखरेख तथा उपयोग के अभाव में करोड़ों की लागत से बना भवन खंडहरों में जहां तब्दील हो रहा है, तो तापमान मापक यंत्र शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. गोदाम भवन से लेकर किसान पाठशाला भवन जर्जर हो गया है. बीज प्रोसेसिंग यूनिट पांच साल से बंद पड़ा हुआ है. नतीजतन मशीनों में जंग लगना शुरू हो गया है.

बताया जाता है कि किसानों को फसल लगाने से पहले खेत तैयार करने, खेत में प्रयोग होने वाले खाद्य तथा कीटनाशकों के छिड़काव से लेकर सभी तरह की जानकारी के लिए लगभग बीस लाख रुपये की लागत से किसान प्रशिक्षण भवन का निर्माण कराया गया था. एक साल किसानों को प्रशिक्षण दिया गया. इसके बाद से भवन बेकार हो गया. चोरों ने किसान प्रशिक्षण केन्द्र में लगे दरवाजा, खिड़की से लेकर ग्रिल तक चुरा लिया. लगभग दस लाख रुपए की लागत से गोदाम का निर्माण कराया गया.

देखरेख के आभाव में गोदाम बेकार हो जा रहा है. कृषि फार्म हाउस परिसर में किसान पाठशाला सह गोदाम का निर्माण लगभग 25 लाख रुपये की लागत से कराया गया था. किसान पाठशाला बंद होते ही असामाजिक तत्वों का जमवाड़ा हो गया. चोरों ने सभी खिड़की, दरवाजे गायब कर दिया. चार साल पहले पौधा तैयार करने के लिए लगभग तीन लाख रुपए की लागत से पाली हाउस का निर्माण कराया गया था.

पौधा तैयार नहीं हुआ, पाली हाउस ही गायब हो गया. किसानों को खेती से पहले मौसम पूर्वानुमान की जानकारी के लिए लगभग तीन लाख रुपए की लागत से तापमान मापक यंत्र लगाया गया था. तापमान मापक यंत्र युनिट में किसी अधिकारी तथा कर्मचारी की बहाली नहीं होने से तापमान मापक यंत्र शोभा की वस्तु बनकर रह गई है. किसानों को किसी प्रकार की मौसम पूर्वानुमान की जानकारी नहीं मिल पा रही है.

कृषि फार्म हाउस में खेती करने के लिए पक्की सिंचाई नाली का निर्माण लगभग चार लाख रुपए की लागत से कराया गया. सिंचाई नाली कई स्थानों पर ध्वस्त हो गया है. नतीजा सिंचाई के साधन नहीं होने से रबी की फसल कृषि फार्म हाउस में नहीं कराया गया. लगभग दस लाख रुपए की लागत से बीज प्रोसेसिंग यूनिट का निर्माण तथा मशीन लगाया गया था.

योजना के पीछे सरकार तथा जिला प्रशासन का उद्देश्य था कि कृषि फार्म हाउस में उत्पादित फसलों का प्रोसेसिंग करते हुए उन्नत किस्म के बीज किसानों के बीच अनुदान पर वितरण किया जाय. चार साल से बीज प्रोसेसिंग यूनिट बंद है. इसके अलावा कई भवनों का निर्माण कराया गया जो बेकार पड़ा हुआ है. कृषि फार्म हाउस को कबाड़खाना बना दिया गया है. जहां – तहां कूड़ा तथा कचरा फेंका जा रहा है. गोबर फेंकने का गोबरगढा बना दिया गया है.

मामले की जानकारी है, विभाग को अवगत करा चुके हैं : प्रभारी कृषि पदाधिकारी

कुड़ू प्रखंड प्रभारी कृषि पदाधिकारी किशोर उरांव ने बताया कि भवन बेकार पड़ा है इससे कृषि विभाग तथा जिला प्रशासन को अवगत करा चुके हैं. खरीफ फसल के सीजन में किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. भवनों का इस्तेमाल होगा. विभाग का आदेश मिलते ही किसान पाठशाला शुरू किया जायेगा.

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