बालू की ऊँची कीमतों से लाभुक परेशान, निर्माण कार्य ठप

Updated at : 12 May 2025 10:23 PM (IST)
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बालू की ऊँची कीमतों से लाभुक परेशान, निर्माण कार्य ठप

बालू की किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.

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प्रतिनिधि, कुड़ू

बालू की किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. प्रखंड के 14 पंचायतों में हजारों लाभुक आवास निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ने को विवश हैं. स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, बालू लदे ट्रैक्टरों की जब्ती और अवैध खनन पर कार्रवाई के बाद बालू की आपूर्ति बाधित हो गयी है. वहीं बालू की कीमत 2500 से 3000 रुपये प्रति ट्रैक्टर तक पहुंच चुकी है, जिससे गरीब लाभुकों को निर्माण कार्य जारी रखना मुश्किल हो गया है.यदि प्रखंड प्रशासन और खनन विभाग बालू की नियमित, पारदर्शी और सस्ती आपूर्ति की व्यवस्था नहीं करता, तो राज्य और केंद्र की महत्वाकांक्षी योजनाएं कागजों तक ही सिमट जायेंगी.

चोरी-छिपे 3000 रुपये में बिक रहा बालू

बताया जाता है कि प्रखंड के दर्जनों बालू घाटों से रोजाना अहले सुबह चार से सात बजे और शाम छह से रात 10 बजे तक ट्रैक्टरों से अवैध रूप से बालू की निकासी हो रही है. कोयल नदी से हो रहे इस खनन पर कुछ दिनों पूर्व पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें एक साथ पांच ट्रैक्टर जब्त किये गये. बावजूद इसके अवैध आपूर्ति पर पूरी तरह रोक नहीं लग पायी है.

मुखिया को चालान मिलने के बाद भी लाभुक वंचित

प्रखंड प्रशासन की ओर से संबंधित पंचायतों के मुखिया को खनन चालान जारी किया गया है, ताकि सरकारी निर्माण कार्यों में सुलभ और सस्ती दर पर बालू की आपूर्ति की जा सके. परंतु ट्रैक्टर मालिक अवैध खनन में अधिक लाभ के चलते चालान से बालू ढुलाई करने से बच रहे हैं.

बालू की किल्लत नहीं : सीअो

प्रभारी बीडीओ सह सीओ मधुश्री मिश्रा ने कहा कि प्रखंड में बालू की कोई किल्लत नहीं है. सभी मुखिया को बालू चालान जारी कर दिया गया है. खनन विभाग की ओर से चालान कटने का प्रशिक्षण भी दिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बालू के अभाव में कोई आवास कार्य नहीं रुकेगा.

वर्तमान स्थिति :

2023-24:

अबुआ आवास : 677 स्वीकृत

110 पूर्ण

300 लगभग पूर्ण

279 अधूरे

2024-25

अबुआ आवास : 2450 स्वीकृत

1900 को पहली किस्त दी गयी

544 ने दूसरी किस्त के लिए आवेदन किया

1356 ने गड्ढा खोद कर छोड़ दिया

प्रधानमंत्री आवास (2024-25)

3400 स्वीकृत

1700 निर्माण की प्रक्रिया में

लगभग 1500 कार्य बालू के कारण रुके

लाभुक कर्ज लेने को मजबूर

बालू की ऊंची कीमत ने लाभुकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है. जो बालू 1000 से 1200 रुपये में मिलना था, वह अब 2500 से 3000 रुपये में मिल रहा है. इससे मजबूर होकर कई लाभुक कर्ज लेकर आवास निर्माण करने पर विवश हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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